संघ द्वारा हड़ताल के दौरान प्रमुख रूप से निम्न मांगें उठाई जाएंगी। मुख्यमंत्री द्वारा 30 जनवरी 2026 को की गई नियमितीकरण संबंधी घोषणा का तत्काल क्रियान्वयन। सामान्य प्रशासन विभाग की नीति 2023 के अनुसार एनपीएस एवं स्वास्थ्य बीमा का लाभ प्रदान किया जाए। अन्य राज्यों की भांति 10 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि लागू की जाए। नियमित कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता दिया जाए। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के वेतन में पीबीआई समायोजित कर पूर्ववत प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाए। वेतन विसंगति (समकक्षता) का पुन: परीक्षण कर संशोधन किया जाए। संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान अवकाश सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। समान कार्य के लिए समान वेतन एवं समान सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं तथा आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर प्रभावी रोक लगाई जाए। नवनियुक्त जिलाध्यक्ष हरिओम मेवाड़ा ने कहा कि संविदा कर्मचारियों के हितों की रक्षा एवं लंबित मांगों के समाधान तक संगठन का संघर्ष जारी रहेगा। वहीं जिला महिला अध्यक्ष सुश्री रुचिरा उइके ने महिला कर्मचारियों से एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया। बैठक एवं आंदोलन संबंधी कार्यक्रम का सफल संचालन श्री मनीष दुबे एवं श्री तरुण राठौर द्वारा किया गया। दोनों पदाधिकारियों ने उपस्थित कर्मचारियों को संगठन की आगामी रणनीति, हड़ताल की रूपरेखा एवं मांगों के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की तथा आंदोलन को सफल बनाने हेतु सभी से एकजुट रहने का आह्वान किया। बैठक का समापन संविदा एकता जिंदाबाद, अभी करो, अर्जेंट करो एवं कर्मचारियों की एकता के नारों के साथ हुआ।
सीहोर। एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, जिला सीहोर की जिला एवं विकासखंड स्तरीय कार्यकारिणी का पुनर्गठन करते हुए सर्वसम्मति से नई जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया। बैठक में हरिओम मेवाड़ा को जिलाध्यक्ष एवं सुश्री रुचिरा उइके को जिला महिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके साथ ही संगठन को मजबूत एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई। नवनियुक्त जिला कार्यकारिणी में श्रीमती सीमा यादव, श्रीमती रजनी सागर, हरिओम शिवहरे एवं डॉ रूही दुबे को उपाध्यक्ष, नितेश बातव को सचिव, अमित त्रिपाठी को सह-सचिव, अरविंद यादव को कोषाध्यक्ष, रोहित सिसोदिया को मीडिया प्रभारी, धर्मेंद्र यादव को संगठन मंत्री तथा अजय ठाकुर को कार्यालय मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अतिरिक्त डॉ. दीपक डेहरिया, अम्बर मालवीय, मनीष दुबे एवं तरुण राठौर को संरक्षक मंडल में शामिल किया गया। बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि वर्षों से लंबित मांगों के निराकरण हेतु शासन एवं प्रशासन को कई बार ज्ञापन और निवेदन प्रस्तुत किए गए, किंतु अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिसके कारण संविदा कर्मचारियों को आंदोलन का मार्ग अपनाने के लिए विवश होना पड़ा है। उल्लेखनीय है कि जिला सीहोर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कुल 502 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी कार्यरत हैं, जो जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, रोग नियंत्रण गतिविधियों तथा ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संगठन के अनुसार जिले के अधिकांश एनएचएम संविदा कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल हैं, जिससे विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

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