वेबिनार के प्रथम दिवस में डॉ. मंडल ने Additive Manufacturing की मूल अवधारणाओं, विभिन्न निर्माण प्रक्रियाओं, प्रयुक्त सामग्रियों, डिजाइन सिद्धांतों तथा आधुनिक औद्योगिक अनुप्रयोगों पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि 3D प्रिंटिंग तकनीक किस प्रकार पारंपरिक विनिर्माण प्रक्रियाओं में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही है तथा भविष्य के उद्योगों में इसकी बढ़ती भूमिका और रोजगार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। द्वितीय दिवस के तकनीकी सत्र में उन्होंने ऑटोमोबाइल, चिकित्सा, एयरोस्पेस एवं उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग के वास्तविक औद्योगिक अनुप्रयोगों को उदाहरणों सहित प्रस्तुत किया। उन्होंने F1 गियरबॉक्स, इंजन हाउसिंग, ऑर्थोपेडिक एवं डेंटल इम्प्लांट्स, टिश्यू स्कैफोल्ड्स, हियरिंग एड्स तथा एयरोस्पेस कंपोनेंट्स जैसे सफल औद्योगिक उत्पादों के माध्यम से यह बताया कि आधुनिक उद्योगों में 3D प्रिंटिंग तकनीक किस प्रकार हल्के, जटिल, उच्च गुणवत्ता वाले तथा कस्टमाइज्ड उत्पादों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। साथ ही उन्होंने उद्योगों में प्रचलित नवीनतम तकनीकों, डिजाइन ऑप्टिमाइजेशन तथा करियर अवसरों पर भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
दोनों सत्रों के दौरान विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए विभिन्न तकनीकी प्रश्न पूछे, जिनका डॉ. मंडल ने व्यावहारिक उदाहरणों के साथ विस्तारपूर्वक उत्तर दिया। यह संवादात्मक सत्र प्रतिभागियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा। अपने संदेश में प्रो. (डॉ.) चंदन कुमार, प्राचार्य, दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज ने कहा कि इस प्रकार के विशेषज्ञ व्याख्यान विद्यार्थियों को नवीनतम औद्योगिक तकनीकों से परिचित कराने तथा उन्हें उद्योग-तैयार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेज में स्थापित Specialized Centre on 3D Printing & Additive Manufacturing छात्रों को आधुनिक विनिर्माण तकनीकों में उत्कृष्ट प्रशिक्षण एवं व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। कार्यक्रम के अंत में श्री प्रफुल्ल चंद्र, सहायक प्राध्यापक एवं फैकल्टी-इन-चार्ज, C-DAC लैब ने मुख्य वक्ता डॉ. स्वरूप कुमार मंडल, C-DAC Kolkata तथा सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के विशेषज्ञ व्याख्यान विद्यार्थियों में नवाचार, अनुसंधान तथा उद्योगोन्मुख कौशल विकास को नई दिशा प्रदान करेंगे।

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