लेकिन जैसे ही घर में पहली दरार और कोल्ड वाइब्स दिखने लगीं, रवि किशन की एंट्री ने पूरा मूड ही बदल दिया। कंटेस्टेंट्स के बीच की राइवलरी कुछ देर के लिए भूल गई और सब के सब एक्साइटमेंट, तारीफ और स्टारस्ट्रक एनर्जी से भर गए। गेम में एक अनपेक्षित मोड़ तब आया जब कुणाल खेमु ने सीजन का पहला बड़ा ट्विस्ट सामने रखा। जब एलीज़ को लगा कि वो अपनी पार्टनरशिप में सेटल हो रहे हैं, तभी उन्हें पता चला कि जिन जोड़ियों के साथ उन्होंने एंट्री की थी, अब वो साथ में नहीं खेलेंगे। इस अनाउंसमेंट ने पूरे घर को हैरान कर दिया, यहाँ तक कि रवि किशन ने माना कि इस झटके के बाद एक पल के लिए उन्होंने गेम छोड़ने तक का सोच लिया था। इस ड्रामेटिक रीशफल के बाद, रवि किशन, वंशज सिंह, पायल गेमिंग और अरमान खेरा 'किंग्स' बने। डॉली जावेद, डेलबार आर्या, सैबी सूरी और रीवा किशन 'हंटर्स' में शामिल हुए। कुशल टंडन, डेज़ी शाह, रूही दोसानी और निखिल चिनापा ने 'वॉरियर्स' टीम बनाई, जबकि नीति टेलर, मिनी माथुर, अर्सलान गोनी और ज़ैद दरबार 'लेजेंड्स' बन गए। और जब लगा कि एपिसोड के सारे पत्ते खुल चुके हैं, तब 'अलायंस' के पास एक और सरप्राइज बाकी था। हर कंटेस्टेंट को अपने नए बने अलायंस को छोड़कर साइड बदलने का मौका दिया गया। जहाँ ज्यादातर लोगों ने अपनी जगह पर बने रहने का फैसला किया, वहीं निखिल चिनापा ने कुछ ऐसा किया जिसकी उम्मीद नहीं थी - उन्होंने इस ऑफर को मान लिया, जिससे उनके साथी 'वॉरियर्स' दंग रह गए। क्या यह कोई स्ट्रेटेजिक मास्टरस्ट्रोक था, एक सोचा-समझा रिस्क, या फिर धोखे की पहली शुरुआत? और सबसे जरूरी बात, निखिल अब कौन सा अलायंस चुनेंगे? बदलते अलायंस, पनपती दुश्मनी और इम्तिहान देती वफादारियों के साथ, 'अलायंस' की शुरुआत धमाकेदार तरीके से हो चुकी है। इसके फ्रेश एपिसोड्स हर रोज दोपहर 12 बजे, एक्सक्लूसिवली प्राइम वीडियो पर आते हैं।
मुंबई । प्राइम वीडियो के पहले डेली रियलिटी शो 'अलायंस' के दरवाजे ऑफिशियली खुल चुके हैं, और प्रीमियर एपिसोड ने शुरुआत से ही एक बात साफ कर दी है - यहाँ एली (ally) से ज़्यादा लाईज़ (lies) हैं। जो गेम 16 सेलिब्रिटीज ने अपने भरोसेमंद लोगों के साथ शुरू किया था, वो देखते ही देखते सर्वाइवल के सबक में बदल गया। करिश्माई होस्ट कुणाल खेमु ने इस शो के यूनिक फॉर्मेट को इंट्रोड्यूस किया, जहाँ एलीज़ को चार ग्रुप्स - किंग्स, वॉरियर्स, लेजेंड्स और हंटर्स में बांटा गया है। उनकी किस्मत पॉइंट्स सिस्टम, रैंकिंग्स और स्ट्रेटेजिक गेमप्ले से तय होगी, और जो पीछे रह जाएंगे, उन पर खतरा मंडराने लगेगा। लेकिन सबसे बड़ा ट्विस्ट क्या है? यहाँ अलायंस हमेशा के लिए नहीं बनते। इक्वेशंस बदल सकती हैं, वफादारियां शिफ्ट हो सकती हैं, और हर हफ्ते नए प्लेयर्स गेम में एंट्री लेते रहेंगे। 'अलायंस' में दोस्ती आपको अंदर तो ला सकती है, लेकिन स्ट्रेटेजी ही आपको गेम में टिका कर रखेगी। पहले एपिसोड ने बिना वक्त गंवाए घर का माहौल गरमा दिया। जहाँ डेज़ी शाह मजाक में यह सोच रही थीं कि ज़ैद दरबार और कुशल टंडन का एक ही छत के नीचे होना कैसा रहेगा, वहीं उनकी पहली मुलाकात उम्मीद से कहीं ज़्यादा फ्रेंडली रही। क्या यह एक अनपेक्षित दोस्ती की शुरुआत थी या फिर गेम शुरू होने से पहले का बस एक परमानेंट सीज़फायर? दूसरी तरफ, वंशज सिंह के उम्र को लेकर किए गए कमेंट्स पर सबका ध्यान गया, और कुशल टंडन ने उन्हें तुरंत टोकते हुए साफ कर दिया कि वो इससे बिल्कुल इम्प्रेस नहीं हुए। कुछ कमेंट्स से शुरू हुई यह बात देखते ही देखते घर के पहले तनावपूर्ण इक्वेशन में बदल गई, जहाँ कुशल ने खुलेआम वंशज को "बद्तमीज बच्चा" कह दिया और मान लिया कि वो उससे दूर रहना ही पसंद करेंगे। दुश्मनी का ऑफिशियली एलान भले ही न हुआ हो, लेकिन चेतावनी के तीर जरूर चल चुके हैं।

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