- जिस समाज में बुजुर्गों का सम्मान होता है, वह समाज सदैव समृद्ध, संस्कारित और प्रगतिशील बनता है : श्रीमती अरुणा सुदेश राय
कार्यक्रम में सभी को जागरूक करते हुए बताया गया कि वृद्धजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव, ज्ञान एवं मार्गदर्शन से परिवार और समाज को दिशा मिलती है। ऐसे में उनका सम्मान, सुरक्षा और देखभाल करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। अनेक बार वृद्धजन उपेक्षा, आर्थिक शोषण, मानसिक प्रताड़ना तथा सामाजिक अलगाव जैसी समस्याओं का सामना करते हैं, जिनकी रोकथाम के लिए परिवार और समाज दोनों को सकारात्मक भूमिका निभानी होगी। इस अवसर पर वृद्धाश्रम में निवासरत वरिष्ठ नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली गई। इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों, उनके संरक्षण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं तथा माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में श्रीमती अरूणा राय, सामाजिक न्याय विभाग के उप संचालक महेश यादव सहित केंद्र के अन्य सदस्य एवं वृद्धजन उपस्थित थे।

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