दिल्ली : बागी गुट लोकसभा अध्यक्ष से मिल, ‘असली तृणमूल कांग्रेस’ के तौर पर मान्यता की मांग करेगा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शुक्रवार, 12 जून 2026

दिल्ली : बागी गुट लोकसभा अध्यक्ष से मिल, ‘असली तृणमूल कांग्रेस’ के तौर पर मान्यता की मांग करेगा

Tmc-rebail
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी नेता जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी के बागी सांसद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से सोमवार को मुलाकात कर खुद को ‘‘असली तृणमूल कांग्रेस’’ के तौर पर मान्यता दिए जाने की मांग करेंगे। बसुनिया ने दावा किया कि अभी 19 लोकसभा सदस्य इस गुट का समर्थन कर रहे हैं। कूचबिहार से सांसद और लोकसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का समर्थन करने के इच्छुक सांसदों में शामिल बसुनिया ने ‘पीटीआई-वीडियो’ को बताया कि गुट पहले ही लोकसभा अध्यक्ष को इस संबंध में एक प्रतिवेदन सौंप चुका है। बसुनिया ने कहा, ‘‘हमने पत्र सौंप दिया है... सोमवार को हम लोकसभा अध्यक्ष के पास जाएंगे और असली तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल बनाने का अपना दावा पेश करेंगे। हम लोकसभा अध्यक्ष से हमारे दावे को मान्यता देने का आग्रह करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि हस्ताक्षर जुटाने की प्रक्रिया आठ जून को शुरू हुई और अब तक 19 सांसदों ने इस ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।


सूत्रों ने बताया कि बैठक का समय अभी तय नहीं हुआ है। बसुनिया ने तृणमूल कांग्रेस सांसद कीर्ति आजाद के बयान के जवाब में कहा, ‘‘कीर्ति आजाद झूठे हैं। यह कहना ठीक नहीं है। हम 19 सांसद हैं और वह भी एक सांसद हैं... इस तरह के आरोप लगाना सही नहीं है।’’ आजाद ने आरोप लगाया था कि बागी सांसदों को पाला बदलने के लिए पैसे दिए जा रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी की अभिषेक बनर्जी पर की गई टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर बसुनिया ने कहा, ‘‘वह सही बात कह रहे हैं। हम कल्याण बनर्जी के बयान का समर्थन करते हैं।’’ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार और पार्टी के कई विधायकों के बागी होने के बाद तृणमूल कांग्रेस संकट में घिर गई है।  यह उथल-पुथल बाद में संसद तक भी पहुंच गई। बागी सांसदों का दावा है कि उन्हें 20 से अधिक लोकसभा सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। राज्यसभा सदस्य प्रकाश चिक बारिक ने बृहस्पतिवार को पार्टी और उच्च सदन दोनों से इस्तीफा दे दिया और ऐसा करने वाले वह तृणमूल कांग्रेस के तीसरे सांसद बन गए; उनसे पहले सुखेंदु शेखर राय और सुष्मिता देव ने इस्तीफा दिया था। इस संकट ने पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को भी उजागर किया है। वरिष्ठ तृणमूल कांग्रेस नेता कल्याण बनर्जी ने बृहस्पतिवार को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वह पार्टी में तभी बने रहेंगे जब अभिषेक को नेतृत्व के सभी पदों से हटा दिया जाएगा। पार्टी में बगावत तेज होने के बीच कई वरिष्ठ नेताओं ने सार्वजनिक रूप से ममता बनर्जी के प्रति अपना समर्थन दोहराया। सौगत रॉय, शत्रुघ्न सिन्हा और प्रतिमा मंडल जैसे लोकसभा सदस्यों और राज्यसभा सदस्य बाबुल सुप्रियो ने बागी गुट का हिस्सा होने से इनकार किया और कहा है कि वे पार्टी के साथ बने रहेंगे।

कोई टिप्पणी नहीं: