हालांकि, एजेंसी ने भारतीय नागरिक पर आरोपों से संबंधित ब्यूोरा नहीं दिया है। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘उसे हिरासत में लिया गया है, जहां एनसीए के जांचकर्ता उससे पूछताछ करेंगे। जांच अभी जारी है, इसलिए फिलहाल हम इससे अधिक टिप्पणी नहीं कर सकते।’’ एनसीए के अनुसार, उसके अधिकारियों ने सशस्त्र बलों के साथ मिलकर प्रतिबंधों के दायरे में आने वाले इस रूसी तेल टैंकर पर छापा मारकर उसे अपने नियंत्रण में लिया। यह जहाज फिलहाल दक्षिण-पश्चिम इंग्लैंड में डॉर्सेट तट के पास लंगर डाले हुए है। ‘शैडो फ्लीट’ उन जहाजों को कहा जाता है जो समुद्री नियमों से बाहर रहकर संचालन करते हैं और अक्सर अपने वास्तविक स्वामित्व तथा मूल स्रोत को छिपाने के लिए गुप्त तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। ब्रिटेन की अपराध जांच एजेंसी के मुताबिक, जहाज पर मौजूद चालक दल के 24 सदस्य अब भी वहीं हैं और जांच में सहयोग कर रहे हैं। ये सदस्य भारतीय और जॉर्जियाई-भारतीय हैं।
एनसीए के महानिदेशक ग्रेम बिगर ने कहा, ‘‘रूस द्वारा प्रतिबंधों से बचने की कोशिशों पर अंकुश लगाने के लिए एनसीए अपने साझेदारों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह अब एनसीए की आपराधिक जांच का हिस्सा है, इसलिए फिलहाल हम और टिप्पणी नहीं कर सकते।’’ इससे पहले प्रधानमंत्री स्टॉर्मर ने कहा था कि यह अभियान ‘‘रूस के लिए एक और बड़ा झटका’’ है और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के यूक्रेन युद्ध का समर्थन करने वालों को यह संदेश देता है कि वे ‘‘छिप नहीं सकते’’। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि एसएमवाईआरटीओएस को अस्थायी रूप से एक सुरक्षित बंदरगाह पर ले जाया जाएगा और पर्यावरण या सुरक्षा संबंधी किसी भी संभावित जोखिम पर नजर रखी जाएगी। बताया गया है कि सप्ताहांत में की गई यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप की गई। मार्च में हुए एक समझौते के बाद ब्रिटिश सशस्त्र बलों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों को ‘शैडो फ्लीट’ के जहाजों पर चढ़कर कार्रवाई करने का अधिकार मिला था। रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘‘शैडो फ्लीट पर कार्रवाई करने में ब्रिटेन अग्रणी भूमिका निभा रहा है और अब तक 500 से अधिक जहाजों पर प्रतिबंध लगा चुका है। इन प्रतिबंधों का असर भी दिख रहा है। 2025 में रूस की तेल और गैस से होने वाली आय सालाना आधार पर 24 प्रतिशत घट गई है।’’

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