- डीजीपी राजीव कृष्ण का वाराणसी से बड़ा संदेश : सोशल मीडिया पर दबंगई दिखाने वालों पर भी होगी कार्रवाई, एआई तकनीक से सुधरेगा ट्रैफिक, साइबर अपराधियों व रीलबाजों पर भी कसा जाएगा शिकंजा
एआई और गूगल डेटा से खत्म होगा ट्रैफिक जाम
राजीव कृष्ण ने बताया कि प्रदेश के 20 जिलों में लगभग ढाई महीने पहले 'रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन' परियोजना शुरू की गई है। इसके तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और गूगल से प्राप्त ट्रैफिक डेटा का विश्लेषण कर जाम के कारणों की वैज्ञानिक तरीके से पहचान की जा रही है। वाहनों की औसत गति, अधिकतम एवं न्यूनतम यात्रा समय तथा ट्रैफिक घनत्व का लगातार अध्ययन कर सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में करीब 230 ट्रैफिक कॉरिडोर चिन्हित किए गए हैं, जबकि वाराणसी में 11 प्रमुख ट्रैफिक कॉरिडोर और संवेदनशील मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। चोक प्वाइंट की पहचान कर वहां सुधारात्मक उपाय लागू किए गए हैं, जिससे यातायात व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगा है।
काशी की बढ़ती जरूरतों के अनुसार होगी पुलिसिंग
डीजीपी ने कहा कि वाराणसी देश की प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। भविष्य में रोपवे जैसी परियोजनाएं यातायात का दबाव कम करेंगी। इसके साथ ही अतिरिक्त पुलिस बल और आधुनिक तकनीक के माध्यम से ट्रैफिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
60 हजार से अधिक नए पुलिसकर्मी संभालेंगे मोर्चा
उन्होंने बताया कि हाल ही में भर्ती हुए 60,244 पुलिसकर्मी जनपदों में पहुंच चुके हैं और उनका प्रशिक्षण जारी है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद इन्हें कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और यातायात प्रबंधन में तैनात किया जाएगा, जिससे पुलिस व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
साइबर अपराधियों पर भी कसेगा शिकंजा
साइबर अपराध को बड़ी चुनौती बताते हुए डीजीपी ने कहा कि डिजिटल लेन-देन बढ़ने के साथ साइबर ठगी के मामलों में भी वृद्धि हुई है। उत्तर प्रदेश पुलिस अब तकनीकी स्तर पर ऐसी व्यवस्था विकसित कर रही है, जिससे शिकायत मिलते ही पीड़ित की रकम बैंक स्तर पर ही रोक दी जाए और धन विदेशों तक न पहुंच सके। विदेशों में बैठे साइबर अपराधियों के खिलाफ भी अंतरराष्ट्रीय सहयोग और प्रत्यर्पण प्रक्रिया के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी।
राम मंदिर प्रकरण की निष्पक्ष जांच करेगी एसआईटी
अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में कथित गबन के मामले पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में डीजीपी ने कहा कि धार्मिक संस्थाओं की अपनी व्यवस्थाएं होती हैं, लेकिन यदि किसी प्रकार की शिकायत पुलिस के पास आती है तो नियमानुसार जांच की जाती है। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के सुझाव पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) निष्पक्ष जांच कर रही है और आवश्यक कार्रवाई के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
काशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा पर सतत निगरानी
काशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा व्यवस्था पर डीजीपी ने कहा कि महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की नियमित समीक्षा की जाती है। इसके लिए गठित स्थायी समिति समय-समय पर सुरक्षा मानकों का मूल्यांकन करती है ताकि किसी भी प्रकार की चूक की संभावना न रहे।
कोडीन सिरप तस्करी में जल्द होगी बड़ी कार्रवाई
कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार पर डीजीपी ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल को भारत लाने की प्रक्रिया जारी है और इस पूरे नेटवर्क के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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