नई दिल्ली। राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने मंगलवार को जांच एजेंसियों पर राजनीतिक उद्देश्य से कार्रवाई करने का आरोप लगाया। टीएमसी विधायकों के कथित फर्जी हस्ताक्षर से जुड़े मामले की जांच के सिलसिले में सीआईडी की एक टीम मंगलवार को पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के कोलकाता स्थित आवास पहुंची थी, जिसपर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ओ'ब्रायन ने यह आरोप लगाया। ओ'ब्रायन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि यह कार्रवाई जानबूझकर उस समय की गई, जब ममता बनर्जी नयी दिल्ली में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से मुलाकात कर रही थीं। उन्होंने कहा, “राजनीतिक प्रतिशोध के तहत कार्रवाई! दिल्ली में जब तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी श्रीमती सोनिया गांधी से मुलाकात कर रही थीं, ठीक उसी समय सीआईडी कोलकाता में पार्टी मुख्यालय से सटे आवास में जबरन प्रवेश करने की कोशिश कर रही थी। पहले वोट की लूट, अब राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी की फाइलों की लूट। क्या यही लोकतंत्र है?” ममता बनर्जी का कोलकाता स्थित आवास टीएमसी के केंद्रीय पार्टी कार्यालय के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को राज्य की जांच एजेंसी सीआईडी की एक टीम कोलकाता के कालीघाट इलाके में स्थित ममता बनर्जी के आवास में पहुंची। सुरक्षा कर्मियों और टीएमसी के एक नेता के साथ थोड़ी देर तक चली बहस के बाद टीम अंदर गई। यह कार्रवाई पार्टी विधायकों के कथित फर्जी हस्ताक्षरों से जुड़े विवाद की जांच के तहत की गई, जिसने टीएमसी में विभाजन की स्थिति पैदा कर दी है।
मंगलवार, 9 जून 2026
दिल्ली : फर्जी हस्ताक्षर मामले में ममता के आवास पहुंची सीआईडी, प्रतिशोध की राजनीति का आरोप
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