उनके गुट में सांसदों की संख्या के बारे में पूछे जाने पर दस्तीकार ने कहा, ‘‘फिलहाल हम 20 सांसद हैं। यह संख्या 22 तक पहुंच सकती है।’’ वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में टीएमसी के टिकट पर कुल 28 सांसद निर्वाचित हुए थे। पश्चिम बंगाल में टीएमसी के बागी विधायकों के साथ संबंधों के बारे में दस्तीदार ने कहा कि असंतुष्ट सांसदों का राज्य के विधायकों से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा उनसे कोई संबंध नहीं है। वे एक अलग समूह हैं। उनके मुद्दे और एजेंडा अलग हैं।’’ इससे पहले, गृह मामलों की संसद की स्थायी समिति की बैठक में शामिल हुईं दस्तीदार ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में पिछली टीएमसी सरकार ने पिछले 10 वर्षों में महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को लागू नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘‘हम चर्चा कर रहे थे कि बंगाल में बाल सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को भी आगे नहीं बढ़ने दिया गया। इसी तरह कई अन्य योजनाएं भी पिछली (टीएमसी) सरकार के दौरान लागू नहीं की गईं।’’ वरिष्ठ सांसद ने कहा कि वे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सहयोग से पश्चिम बंगाल में केंद्र सरकार की सभी योजनाओं को लागू करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल में कुछ योजनाएं लागू नहीं की गईं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार, बाल विवाह के मामलों में बंगाल शीर्ष पर है। यह भी एक अपराध है। इस तरह की कई बातें बंगाल में हो रही थीं, लेकिन किसी ने इन मुद्दों को नहीं उठाया। इसलिए हम बंगाल के लोगों के हित में काम करने की कोशिश कर रहे हैं।’’ तृणमूल कांग्रेस में राजनीतिक संकट रविवार को और गहरा गया, जब उसके असंतुष्ट सांसदों ने कम चर्चित एनसीपीआई में विलय की घोषणा की और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर सदन में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की। बिरला से मुलाकात के बाद दस्तीदार ने संवाददाताओं से कहा था कि लोकसभा अध्यक्ष को सौंपे गए ज्ञापन पर टीएमसी के 20 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा था, ‘‘टीएमसी के दो-तिहाई सांसदों ने सदन में अलग बैठने की व्यवस्था के लिए अध्यक्ष को पत्र दिया है। हम नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी में विलय करेंगे और राजग का समर्थन करेंगे।’’ एनसीपीआई ने जनवरी 2023 में एक राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण कराया था। निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार, उसका पता पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के संकराइल स्थित एक भवन में दर्ज है। अब तक बेहद कम चर्चित रही यह पार्टी उस समय राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श के केंद्र में आ गई, जब टीएमसी के बागी सांसदों ने इसमें विलय की घोषणा की।
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने मंगलवार को कहा कि ‘नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया’ (एनसीपीआई) तृणमूल के सभी असंतुष्ट लोकसभा सदस्यों को अपने साथ शामिल करने पर सहमत हो गई है और इन सांसदों की संख्या मौजूदा 20 से बढ़कर 22 तक पहुंच सकती है। दस्तीदार ने यह भी स्पष्ट किया कि बागी सांसदों का पश्चिम बंगाल विधानसभा में अलग समूह बनाने वाले टीएमसी के असंतुष्ट विधायकों से कोई संबंध नहीं है। विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस ने उस समूह को मान्यता दे दी है। तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों के अगले कदम के बारे में पूछे जाने पर, बंगाल के बारासात के सांसद ने कहा कि पहले वे किसी अन्य दल में विलय की कोशिश करते हुए खुद को व्यवस्थित करना चाहते हैं। उन्होंने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमें पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है। वे (एनसीपीआई) हमें अपने साथ लेकर खुश हैं। हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ मिलकर काम करेंगे।’’

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