मुंबई (अनिल बेदाग): जलवायु परिवर्तन और बढ़ती गर्मी के दौर में महाराष्ट्र के गड़चिरोली जिले को हरित पहचान देने की दिशा में एक बड़ी पहल सामने आई है। सूरजगढ़ इस्पात प्राइवेट लिमिटेड और MIAM चैरिटेबल ट्रस्ट ने ग्रीन गड़चिरोली मिशन के तहत 5 लाख पौधे महाराष्ट्र सरकार को समर्पित कर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह केवल वृक्षारोपण अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति, रोजगार और सामाजिक विकास को एक साथ जोड़ने वाला व्यापक मिशन है।मुंबई में आयोजित एक विशेष मुलाकात के दौरान MIAM चैरिटेबल ट्रस्ट की संस्थापक और सूरजगढ़ इस्पात की डायरेक्टर नीता जोशी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस के समक्ष इस महत्वाकांक्षी योजना को प्रस्तुत किया। मिशन के तहत लगाए जाने वाले 5 लाख पौधे गड़चिरोली के हरित क्षेत्र को बढ़ाने, जैव विविधता को संरक्षित करने और जलवायु संतुलन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।इस पहल की खासियत यह है कि पौधों के उत्पादन, रोपण और संरक्षण से स्थानीय समुदाय सीधे जुड़ रहा है। इससे 200 से अधिक महिलाओं को रोजगार मिला है, जबकि सैकड़ों आदिवासी परिवारों के लिए आजीविका के नए अवसर तैयार हुए हैं। पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का यह मॉडल गड़चिरोली को एक हरित, आत्मनिर्भर और टिकाऊ भविष्य की ओर ले जाने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शनिवार, 6 जून 2026
मुंबई : 5 लाख पौधों का हरित संकल्प: गड़चिरोली के भविष्य को बदलने की तैयारी
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