दिल्ली : शिवसेना (उबाठा) के बागी नेताओं ने की बिरला से मुलाकात, छह सांसदों के समर्थन का दावा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

गुरुवार, 18 जून 2026

दिल्ली : शिवसेना (उबाठा) के बागी नेताओं ने की बिरला से मुलाकात, छह सांसदों के समर्थन का दावा

shivsena-rebail-mp-meet-om-birla
नई दिल्ली। शिवसेना (उबाठा) के बागी नेताओं के एक समूह ने बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और दावा किया कि उन्हें लोकसभा में पार्टी के नौ में से छह सांसदों का समर्थन प्राप्त है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।  बैठक में क्या चर्चा हुई, इस बारे में दोनों पक्षों की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी गई वहीं, उद्धव ठाकरे के करीबी और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने कहा कि पार्टी को किसी भी सांसद की ओर से सत्तारूढ़ शिवसेना में शामिल होने की कोई सूचना नहीं मिली है। शिवसेना (उबाठा) ने अपने सभी सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी कर बृहस्पतिवार को संसदीय दल की बैठक में उपस्थित रहने के लिए कहा है। इससे पहले, पार्टी के लोकसभा सदस्य अरविंद सावंत एवं अनिल देसाई और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की। मुलाकात के बाद राउत ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘बृहस्पतिवार की बैठक के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।’’ उन्होंने कहा कि सभी सांसदों को व्यक्तिगत रूप से बैठक में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। बीते रविवार को ठाकरे द्वारा मुंबई में बुलाई गई बैठक में शिवसेना (यूबीटी) के पांच सांसद ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए थे। लोकसभा में शिवसेना (उबाठा) के नौ सांसद हैं और दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता से बचने के लिए कम से कम छह सांसदों को एक साथ पाला बदलना होगा। सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2022 में अविभाजित शिवसेना में विभाजन के प्रमुख सूत्रधार रहे तथा तत्कालीन महा विकास आघाडी सरकार के गिरने का कारण बने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे इन दिनों दिल्ली में मौजूद हैं। इस बीच, बिरला से मुलाकात के बाद अनिल देसाई ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को एक ज्ञापन सौंपकर किसी भी गैर-कानूनी दलबदल को रोकने का अनुरोध किया है।

कोई टिप्पणी नहीं: