सीहोर : संगीत और भक्ति के संगम ने बांधा समां, कलाकारों का हुआ सम्मान - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 21 जून 2026

सीहोर : संगीत और भक्ति के संगम ने बांधा समां, कलाकारों का हुआ सम्मान

  • विश्व संगीत दिवस पर नृसिंह मंदिर में संगीत उपकरण प्रदान

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सीहोर। हर साल की तरह इस साल भी शहर के कोलीपुरा स्थित प्राचीन सिद्धपीठ श्री नृसिंह लक्ष्मी मंदिर में संगीत, भजन और भक्ति के संगम के मध्य भजन मंडलों के कलाकारों का सनातन सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संत माधवदास महाराज ने नृसिंह भजन मंडल के वरिष्ठ जसवंत सिंह, दुर्गेश यादव और विष्णु सेन आदि का स्वागत किया। इस मौके पर संत ने कहाकि संगीत मानव जीवन को आनंद, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है। भारतीय संस्कृति में संगीत का विशेष महत्व है और भजन-कीर्तन के माध्यम से संगीत ईश्वर से जुड़ने का सशक्त माध्यम बनता है। भजन मंडल वर्षों से धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी मधुर प्रस्तुतियों से लोगों को भक्ति रस में सराबोर करता आ रहा है। भजन मंडल शहर के विभिन्न मंदिरों में भगवान के भजनों के से भक्ति करते हुए आ रहा है और मंदिर परिसर में करीब 35 सालों से प्रत्येक ग्यारस पर भजन संध्या का आयोजन किया जा रहा है।


विश्व संगीत दिवस के अवसर पर शहर के कोलीपुरा स्थित मंदिर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भजन मंडल के सदस्यों का सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। इस अवसर पर संगीत साधकों एवं भजन गायकों को पुष्पमालाएं पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर भजन मंडल के कलाकारों ने भगवान के भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। उपस्थित श्रद्धालु भजनों का आनंद लेते हुए भक्ति भाव में झूम उठे। कार्यक्रम में विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। संस्कार मंच के प्रभारी मनोज दीक्षिम मामा ने कहाकि संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और सकारात्मक संदेश देने का माध्यम भी है। भजन मंडल के कलाकार अपनी कला के माध्यम से भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में भजन मंडल के सभी सदस्यों का अभिनंदन किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। विश्व संगीत दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम ने संगीत प्रेमियों और श्रद्धालुओं को एक साथ जोड़कर सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया।

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