नई दिल्ली । एक अदालत ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में मुकदमे का सामना कर रहे कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर की पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए ‘अनापत्ति प्रमाणपत्र’ (एनओसी) की याचिका शनिवार को स्वीकार कर ली, हालांकि अदालत ने कहा कि वह उसकी (अदालत) अनुमति के बिना विदेश यात्रा नहीं कर सकते। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि यह आदेश प्राधिकरण को पासपोर्ट जारी करने का निर्देश नहीं है, बल्कि केवल ‘अनापत्ति’ है। न्यायाधीश ने कहा, ‘‘मुकदमे की सुनवाई के दौरान आवेदक नियमित रूप से अदालत में पेश होता रहा है और रिकॉर्ड में ऐसा कुछ भी नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि उसने उस पर लगाई गई शर्तों का उल्लंघन किया है।’’ न्यायाधीश ने कहा कि टाइटलर का आचरण सीबीआई द्वारा जताई गई इस आशंका को उचित नहीं ठहराता कि कार्यवाही के लंबित रहने के दौरान यदि अनुमति दी जाती है तो वह फरार हो सकते हैं या कानून की प्रक्रिया से बच सकते हैं। अदालत ने कहा, ‘‘तदनुसार, आवेदक जगदीश टाइटलर को पासपोर्ट जारी करने के लिए लागू नियमों और विनियमों में उल्लिखित आवश्यकताओं की पूर्ति के अधीन 10 वर्षों की अवधि के लिए नया पासपोर्ट जारी करने के लिए ‘अनापत्ति’ दी जाती है।’’ अदालत ने यह भी कहा कि टाइटलर इस अदालत की पूर्व अनुमति के बिना विदेश यात्रा नहीं करेंगे।
शनिवार, 6 जून 2026
दिल्ली : अदालत ने जगदीश टाइटलर को पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए एनओसी प्रदान की
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