नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय को मंगलवार शाम तक अपनी सामान्य सीट आवंटन प्रणाली (सीएसएएस) के माध्यम से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्नातक पाठ्यक्रमों (यूजी) में प्रवेश हेतु करीब 82,940 पंजीकरण प्राप्त हुए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। विश्वविद्यालय ने सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा-स्नातक 2026 (सीयूईटी-यूजी) में सम्मिलित हुए और इसके महाविद्यालयों में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए 26 जून को स्नातक प्रवेश के पंजीकरण का पहला चरण शुरू किया था। डीयू द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम-विशिष्ट पात्रता मानदंडों के अधीन, 67 महाविद्यालयों में 73 स्नातक पाठ्यक्रमों और 100 से अधिक कला स्नातक (बीए) पाठ्यक्रम विकल्पों में प्रवेश पूरी तरह से सीयूईटी-यूजी-2026 के अंकों के आधार पर किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को अपने परीक्षा आवेदन पत्र संख्या का उपयोग करके सामान्य सीट आवंटन प्रणाली के डिजिटल मंच पर पंजीकरण करना होगा। एक नयी पहल के तहत, सूचना प्रविष्टि की त्रुटियों को कम करने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए भारत सरकार के 'एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस सेतु' (एपीआई सेतु) के माध्यम से अभ्यर्थी के नाम, जन्म तिथि, चित्र और हस्ताक्षर सहित मुख्य विवरणों को स्वतः ही एकीकृत कर दिया गया है। पहले चरण के पूरा होने के बाद, अभ्यर्थी प्रवेश प्रक्रिया के दूसरे चरण में भाग लेंगे, जिसके दौरान वे पाठ्यक्रम और महाविद्यालय विकल्पों के लिए अपनी प्राथमिकताएं जमा करेंगे। दूसरे चरण में, अभ्यर्थियों को अपनी प्रवेश परीक्षा के प्रश्नपत्रों का कक्षा 12 में पढ़े गए विषयों के साथ मिलान भी करना होगा। विश्वविद्यालय ने कहा कि पाठ्यक्रम-विशिष्ट पात्रता निर्धारित करने और अभ्यर्थियों के अंकों की गणना के लिए केवल उन्हीं भाषा और विषय-विशिष्ट प्रश्नपत्रों पर विचार किया जाएगा, जो कक्षा 12 में उत्तीर्ण विषयों से मेल खाते हों। विषय मिलान के आधार पर, विश्वविद्यालय अभ्यर्थियों को पाठ्यक्रम और महाविद्यालय की प्राथमिकताएं भरने के लिए आमंत्रित करने से पहले उनकी पात्रता निर्धारित करेगा। सामान्य सीट आवंटन प्रणाली (सीएसएएस) के दूसरे चरण की समय-सारणी की घोषणा इस सप्ताह तक होने की उम्मीद है।
मंगलवार, 30 जून 2026
दिल्ली : डीयू में स्नातक सीटों के लिए अब तक 80 हजार से अधिक पंजीकरण
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