- पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना का दायरा बढ़ा | आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी की आईपीडी सेवाएं शामिल होंगी | गरीब और ग्रामीण मरीजों को मिलेगा बड़ा लाभ

वाराणसी (सुरेश गांधी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ और जनहितकारी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए आयुष चिकित्सा पद्धतियों को भी कैशलेस इलाज योजना से जोड़ने का निर्णय लिया है। अब पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी की आईपीडी सेवाओं का लाभ भी मरीजों को मिलेगा। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रदेश में आयुष चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से भर्ती होकर उपचार कराने वाले मरीजों को भी कैशलेस सुविधा उपलब्ध होगी। इससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों, गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को राहत मिलेगी। प्रदेश के आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने मुख्यमंत्री के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल है। इससे आयुष चिकित्सा पद्धतियों को नई मजबूती मिलेगी और लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ आयुष चिकित्सा को जोड़कर एक मजबूत और भरोसेमंद स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित कर रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक अभाव किसी भी नागरिक के इलाज में बाधा न बने और सभी को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। डॉ. मिश्र ने विश्वास जताया कि इस फैसले से प्रदेश में आयुष चिकित्सा सेवाओं का दायरा व्यापक होगा तथा मरीजों को बिना आर्थिक बोझ के बेहतर उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
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