नेपाल सरकार ने भारत से आम सहित कई प्रमुख फलों के आयात पर अचानक प्रतिबंध लगा दिया है, जिसके चलते देशभर की फल मंडियों में आपूर्ति संकट गहरा गया है और कीमतें आसमान छू रही हैं। इस अप्रत्याशित फैसले से व्यापारी वर्ग में भारी बेचैनी है, वहीं आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधी मार पड़ रही है। सूत्रों के अनुसार, प्रतिबंध लागू होते ही नेपाल के प्रमुख शहरों की थोक और खुदरा मंडियों में फलों की आवक तेजी से घट गई। व्यापारियों का कहना है कि भारत से होने वाली आपूर्ति पर अचानक रोक लगने से बाजार में स्टॉक की भारी कमी हो गई है, जिससे आम, लीची और अन्य मौसमी फलों के दाम में उल्लेखनीय उछाल देखा जा रहा है। मंडियों में कारोबारियों ने बताया कि इस निर्णय से उनका व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई व्यापारी जो पहले से माल के ऑर्डर दे चुके थे, वे अब असमंजस की स्थिति में हैं। सप्लाई चेन पूरी तरह बाधित होने से छोटे विक्रेताओं को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस फैसले का सबसे गहरा असर आम जनता पर पड़ा है। नेपाल के काठमांडू, पोखरा, विराटनगर सहित कई प्रमुख शहरों में फलों की खुदरा कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। गर्मी के मौसम में जब फलों की मांग अपने चरम पर होती है, ऐसे समय में यह प्रतिबंध उपभोक्ताओं के लिए दोहरी मुसीबत बनकर सामने आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रतिबंध लंबे समय तक जारी रहा, तो नेपाल के बाजारों में फलों की कमी और भी गंभीर रूप ले सकती है। फिलहाल दोनों देशों के व्यापारिक संगठन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और सरकारी स्तर पर समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
मंगलवार, 9 जून 2026
नेपाल का भारतीय फलों पर आयात प्रतिबंध: बाजार में मचा हाहाकार, आम लोग बेहाल
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