दिल्ली : उच्च शिक्षा के लिए बजट अपर्याप्त, जीडीपी का छह प्रतिशत शिक्षा पर खर्च हो: संसदीय समिति - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 18 जून 2026

दिल्ली : उच्च शिक्षा के लिए बजट अपर्याप्त, जीडीपी का छह प्रतिशत शिक्षा पर खर्च हो: संसदीय समिति

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नई दिल्ली । संसद की एक समिति ने उच्च शिक्षा के लिए मौजूदा बजटीय आवंटन को ‘‘अपर्याप्त’’ करार दिया है और अनुशंसा की है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के अनुरूप शिक्षा पर व्यय बढ़ाकर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का छह प्रतिशत किया जाए। राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने मंगलवार को उच्च शिक्षा विभाग की वर्ष 2025-26 की अनुदान मांगों पर आधारित अपनी 364वीं रिपोर्ट में की गई सिफारिशों पर कार्रवाई संबंधी 381वीं रिपोर्ट राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन को सौंपी। समिति ने कहा कि वर्ष 2024-25 के बजट अनुमान की तुलना में वर्ष 2025-26 के लिए उच्च शिक्षा विभाग के बजट आवंटन में हुई प्रतिशत वृद्धि पिछले साल के मुकाबले कम रही। रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘समिति का मानना है कि देश में मुद्रास्फीति के चलन को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग के मौजूदा व्यय स्तर को बनाए रखने तथा उच्च शिक्षा क्षेत्र के वास्तविक आवंटन एवं व्यय में कमी से बचने के लिए बजटीय आवंटन में कम से कम आठ से 10 प्रतिशत की वृद्धि होनी चाहिए, ताकि मुद्रास्फीति के प्रभाव की भरपाई की जा सके।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘इसलिए वर्तमान आवंटन अपर्याप्त प्रतीत होता है।’’ समिति ने यह भी कहा कि वर्ष 2018 से 2023 के दौरान पुरुषों और महिलाओं का सकल नामांकन अनुपात रोजगार तथा मानव संसाधन के समुचित विकास के उद्देश्य से उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज नहीं कर सका है। रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘इसलिए समिति सिफारिश करती है कि वर्ष 2035 के लिए एनईपी-2020 में निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप शिक्षा पर व्यय का प्रतिशत और बढ़ाया जाए।’’ समिति ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा शिक्षा में सार्वजनिक निवेश बढ़ाकर जीडीपी का छह प्रतिशत तक पहुंचाने की स्पष्ट परिकल्पना की गई है। समिति ने इस बात पर चिंता जताई कि वर्ष 2021-22 में शिक्षा पर कुल व्यय जीडीपी का केवल 4.12 प्रतिशत था।

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