इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. चंदन कुमार ने कहा कि 420 में से 347 सीटों पर नामांकन, अर्थात 80 प्रतिशत से अधिक सीटों का भर जाना, दारभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग की बिहार के अग्रणी सरकारी अभियंत्रण संस्थानों में स्थापित प्रतिष्ठा तथा गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा के प्रति विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मॉप-अप काउंसलिंग के बाद शेष सीटें भी भर जाएंगी और सभी शाखाओं में बेहतर नामांकन सुनिश्चित होगा। प्राचार्य ने प्रवेश प्रक्रिया को सफलतापूर्वक एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रो. शशि भूषण एवं प्रो. अजीत गुप्ता, प्रवेश प्रभारी, सहित संपूर्ण प्रवेश समिति, सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों एवं उनके अभिभावकों को समय पर मार्गदर्शन, आवश्यक सहायता तथा पारदर्शी एवं व्यवस्थित व्यवस्था उपलब्ध कराने के कारण प्रवेश प्रक्रिया बिना किसी कठिनाई के सफलतापूर्वक संपन्न हुई। कॉलेज प्रशासन ने सभी नवप्रवेशित विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे दारभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग की उत्कृष्ट शैक्षणिक, अनुसंधान एवं नवाचार की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए राज्य एवं देश का नाम गौरवान्वित करेंगे।
दरभंगा (रजनीश के झा)। बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (BCECEB) द्वारा आयोजित UGEAC-2026 के द्वितीय चरण की काउंसलिंग की अंतिम तिथि आज सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। दारभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (डीसीई), दरभंगा में कुल 420 स्वीकृत सीटों के विरुद्ध अब तक 347 विद्यार्थियों ने नामांकन लिया है, जो कुल सीटों का 82.6 प्रतिशत है। शेष 73 सीटों के मॉप-अप काउंसलिंग के माध्यम से भर जाने की पूरी संभावना है। नामांकन की शाखावार स्थिति के अनुसार सिविल इंजीनियरिंग में सर्वाधिक 84 विद्यार्थियों, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में 57 विद्यार्थियों, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (साइबर सिक्योरिटी) में 56 विद्यार्थियों, इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में 49 विद्यार्थियों, मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 45 विद्यार्थियों, मैथेमैटिकल एंड कम्प्यूटिंग में 44 विद्यार्थियों तथा फायर टेक्नोलॉजी एंड सेफ्टी इंजीनियरिंग में 12 विद्यार्थियों ने नामांकन लिया है।

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