- वाराणसी में 15.49 लाख पौधों का रोपण | 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान बना जन-उत्सव, 146 केंद्रों पर पौधों के लिए उमड़ा जनसैलाब

वाराणसी (संवाददाता)। हरियाली के संकल्प ने रविवार को काशी में जन-आंदोलन का रूप ले लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आयोजित वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के तहत जिले में एक ही दिन 15 लाख 49 हजार 600 पौधों का रोपण किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान से प्रेरित इस महाअभियान में अभूतपूर्व जनभागीदारी देखने को मिली। पहली बार शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में 146 पौधा वितरण केंद्रों से निःशुल्क पौधे बांटे गए, जहां सुबह से शाम तक लोगों की भीड़ उमड़ी रही। जनपद के नोडल मंत्री एवं स्टाम्प तथा न्यायालय पंजीयन शुल्क (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री रविन्द्र जायसवाल पूरे अभियान की लगातार मॉनिटरिंग करते रहे। उनके निर्देशन में वार्डों, प्रमुख चौराहों, तिराहों और सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए वितरण केंद्रों से महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने उत्साह के साथ पौधे लिए। कई स्थानों पर लोगों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। घरों, विद्यालयों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थलों पर पौधारोपण का उत्साह पूरे दिन दिखाई दिया। मुख्य कार्यक्रम केंद्रीय कारागार, शिवपुर के पीछे स्थित वीआईपी स्थल पर आयोजित हुआ, जहां नोडल मंत्री रविन्द्र जायसवाल, विधान परिषद सदस्य धर्मेन्द्र सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, नोडल अधिकारी एवं पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक शम्भू कुमार, जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, वन संरक्षक रवि कुमार सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी निधि चौहान सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने पौधारोपण किया।
अपने संबोधन में रविन्द्र जायसवाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की सबसे बड़ी जिम्मेदारी समाज की है। वृक्षारोपण तभी सफल होगा, जब हर नागरिक पौधे को पेड़ बनने तक उसकी देखभाल का संकल्प निभाए। उन्होंने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए अधिकाधिक वृक्ष लगाने और उनके संरक्षण का आह्वान किया। अभियान के दौरान पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले स्वयंसेवी संगठनों और वन विभाग के कर्मियों को सम्मानित किया गया। महिला स्वयं सहायता समूहों को सिंदूर के पौधे तथा बच्चों को विभिन्न प्रजातियों के पौधे वितरित किए गए। वन विभाग, नमामि गंगे-डब्ल्यूआईआई और जलज की प्रदर्शनी में जैव विविधता संरक्षण तथा पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद लोगों के आकर्षण का केंद्र बने। दिनभर चले इस महाअभियान में प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, सुरक्षा बलों, छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों ने मिलकर हरियाली का ऐसा संदेश दिया, जिसने वृक्षारोपण को सरकारी कार्यक्रम से आगे बढ़ाकर जन-उत्सव का स्वरूप दे दिया।
एक नजर में
15,49,600 पौधों का रोपण
146 स्थानों पर पौधा वितरण केंद्र
'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान से जुड़ा महाअभियान
महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों की उत्साहपूर्ण भागीदारी
पौधारोपण के साथ संरक्षण का भी लिया गया संकल्प
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