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गुरुवार, 20 अगस्त 2026

पटना : कृषि अनुसंधान परिसर में IFS मॉडलों का अवलोकन, केंद्रीय कृषि मंत्री ने विस्तार पर दिया जोर

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पटना (रजनीश के झा) । केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार के माननीय कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा के साथ दिनांक 20 अगस्त, 2026 को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा विकसित समेकित कृषि प्रणाली के 1 एवं 2 एकड़ मॉडलों का अवलोकन किया। इस अवसर पर ICAR–RCER, पटना के निदेशक डॉ. अनुप दास तथा डॉ. संजीव कुमार, प्रधान अन्वेषक (AICRP–IFS) एवं प्रमुख, फसल उत्पादन विभाग ने माननीय मंत्री को पूर्वी क्षेत्र के छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए विकसित IFS मॉडलों के विभिन्न घटकों की विस्तृत जानकारी दी। डॉ. दास ने बताया कि भूमिहीन किसानों की आय बढ़ाने के लिए संस्थान द्वारा नैनो (125 वर्ग मीटर) एवं माइक्रो (250 वर्ग मीटर) होमस्टेड फार्मिंग मॉडल विकसित किए गए हैं, जिनमें पोषण वाटिका, फल, बकरी पालन, कुक्कुट पालन एवं मशरूम उत्पादन को समेकित किया गया है।


केंद्रीय कृषि मंत्री ने IFS मॉडलों की सराहना करते हुए कहा कि फसल उत्पादन, बागवानी, दुग्ध उत्पादन, समेकित मत्स्य पालन, बत्तख एवं कुक्कुट पालन जैसे घटकों का एकीकरण संसाधनों के कुशल उपयोग तथा आय वृद्धि में अत्यंत प्रभावी है। उन्होंने तालाब के मेड़ों पर आम, केला, नींबू एवं अमरूद जैसे फलों की खेती, जल निकायों के ऊपर लता वाली सब्जियों की ऊर्ध्वाधर खेती, एजोला उत्पादन तथा वर्मी-कम्पोस्टिंग जैसी नवाचारों की भी प्रशंसा की। उन्होंने इन मॉडलों को किसानों के खेतों तक बड़े पैमाने पर विस्तार देने का आह्वान किया, ताकि खेती के जोखिम को कम किया जा सके तथा किसानों की आय एवं आजीविका सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर माननीय मंत्री ने संस्थान परिसर में आम का पौधा भी रोपित किया। IFS अपनाने वाले किसानों ने भी माननीय मंत्री से संवाद करते हुए अपने अनुभव साझा किए तथा ICAR–RCER के माध्यम से अपनी आय में 3–5 गुना वृद्धि होने की जानकारी दी। इससे पूर्व, मंत्री ने विभिन्न ICAR संस्थानों के निदेशकों के साथ बैठक की, जहां उनका स्वागत डॉ. राजबीर सिंह, उप महानिदेशक (कृषि विस्तार) द्वारा किया गया। बैठक के दौरान मंत्री को संस्थानों की उपलब्धियों, भविष्य की रणनीतियों एवं अनुसंधान सहयोग के बारे में अवगत कराया गया। इस संदर्भ में डॉ. अनुप दास ने संस्थान की प्रमुख उपलब्धियों जैसे समेकित कृषि प्रणाली, धान परती प्रबंधन एवं फसल विविधीकरण पर प्रकाश डाला। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ICAR द्वारा विकसित कृषि प्रौद्योगिकियों का तेजी से किसानों तक प्रसार होना चाहिए। उन्होंने अनुसंधान संस्थानों, विस्तार एजेंसियों एवं किसानों के बीच मजबूत समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि तकनीकों का प्रभावी प्रसार हो सके और जमीनी स्तर पर अधिक प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके। इस अवसर पर डॉ. रंजय कुमार सिंह, सहायक महानिदेशक (कृषि विस्तार) तथा डॉ. विकास दास, निदेशक, एनआरसी लीची भी उपस्थित रहे।

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