दिल्ली : वर्ष 2029 में लोकसभा और विधानसभा एक साथ कराना संभव नहीं : चिदंबरम - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 26 अगस्त 2026

दिल्ली : वर्ष 2029 में लोकसभा और विधानसभा एक साथ कराना संभव नहीं : चिदंबरम

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नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने मंगलवार को कहा कि वर्ष 2029 में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराना संभव नहीं है। उन्होंने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ संबंधी विधेयकों के खिलाफ कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा देशव्यापी अभियान चलाए जाने की चेतावनी भी दी। पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री का यह बयान ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ से जुड़े विधेयकों पर विचार कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के अध्यक्ष पीपी चौधरी की टिप्पणी के एक दिन बाद आया है। चौधरी ने सोमवार को कहा था कि संविधान में संशोधन और राज्य सरकारों की सहमति हुई तो 2029 में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराना संभव है। चिदंबरम ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने चौधरी का यह बयान पढ़ा है कि एक साथ चुनाव 2029 में संभव हैं। चौधरी 2024 के संविधान (129वां संशोधन) विधेयक और केंद्रशासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 पर विचार के लिए गठित 31 सदस्यीय जेपीसी के अध्यक्ष हैं। चिदंबरम ने कहा, “उनका विचार गलत है और विधेयक के पाठ के विपरीत है। विधेयक पारित हो भी जाता है (जिसकी संभावना बहुत कम है), तो विधेयक के तहत ‘तय तिथि’ केवल ऐसी तारीख हो सकती है जो ‘आम चुनाव के बाद’ हो।” उन्होंने कहा, ‘‘अगला आम चुनाव 2029 में होगा। इसलिए 2029 में एक साथ चुनाव संभव नहीं हैं, जो एक अच्छी बात है।’’ वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल विधेयकों के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाएंगे। उनका कहना था कि एक संघीय देश और संसदीय लोकतंत्र में इस तरह का विचार एक ‘‘संवैधानिक विकृति’’ है। चिदंबरम ने सोमवार को संयुक्त समिति के समक्ष विधेयकों पर अपना पक्ष रखा था। उन्होंने कहा, ‘‘मैं जेपीसी के समक्ष रखी गई बातों का खुलासा करने के लिए स्वतंत्र नहीं हूं, लेकिन मेरी बातों का मूल तर्क यह था कि विधेयक संविधान की मूल विशेषताओं, खासकर संघीय देश में संसदीय लोकतंत्र के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है।’’

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