- अंचलाधिकारी आरती कुमारी दल-बल के साथ पहुंचकर फतेहपुर मुसहरी में आधे दर्जन घरों को जेसीबी से उजड़वा दिया
- भूमिहीनों को वास भूमि-आवास, पर्चा, पहुंचपथ देने की मांग को लेकर आंदोलन तेज करेगी माले
उन्होंने आरोप लगाया कि जिस जमीन पर कार्रवाई की गई, उसके संबंध में किसी सरकारी निर्माण या सार्वजनिक परियोजना के लिए उपयोग का कोई प्रशासनिक निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसी स्थिति में गरीब और भूमिहीन परिवारों को व्यक्ति विशेष के जमीन के रुख को खोलने के उद्देश्य से बेघर करना अन्यायपूर्ण है। नेताओं ने कहा कि भाकपा माले दलितों, गरीबों और भूमिहीनों को वासभूमि, आवास, पर्चा तथा पहुंच पथ उपलब्ध कराने की मांग को लेकर अपना संघर्ष तेज करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने कार्रवाई के लिए रक्षाबंधन का दिन चुना, जब अधिकांश लोग घरों से बाहर थे। उनका कहना था कि जब स्थानीय लोग विरोध के लिए एकजुट होने लगे तो प्रशासनिक अधिकारी और कर्मी घटनास्थल से लौट गए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कार्रवाई पूरी तरह कानून सम्मत थी, तो विरोध के दौरान प्रशासन को घटनास्थल छोड़कर भागने की आवश्यकता क्यों पड़ी। विडियो बना रहे लोगों से मोबाइल छीनकर विडियो क्यों डिलीट किया गया। इससे पता चलता है कि अंचल प्रशासन भूमाफिया के इशारे पर जमीन पर निजी कब्जा के उद्देश्य से साज़िश के तहत सीओ द्वारा उजड़वाया गया है। भाकपा माले नेताओं ने घटना की निष्पक्ष जांच कराए जाने, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था करने तथा भूमिहीनों को स्थायी रूप से जमीन और आवास उपलब्ध कराने की मांग की है।

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