समस्तीपुर : मुसहर बस्ती पर बुलडोजर कारवाई की भाकपा माले ने की निन्दा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शनिवार, 29 अगस्त 2026

समस्तीपुर : मुसहर बस्ती पर बुलडोजर कारवाई की भाकपा माले ने की निन्दा

  • अंचलाधिकारी आरती कुमारी दल-बल के साथ पहुंचकर फतेहपुर मुसहरी में आधे दर्जन घरों को जेसीबी से उजड़वा दिया
  • भूमिहीनों को वास भूमि-आवास, पर्चा, पहुंचपथ देने की मांग को लेकर आंदोलन तेज करेगी माले

Cpi-ml-samastipur-protest
ताजपुर/समस्तीपुर, 28 अगस्त (रजनीश के झा) । भाकपा माले ने ताजपुर प्रखंड की फतेहपुर पंचायत के वार्ड संख्या 3 मुसहरी में सरकारी जमीन पर पुस्तैनी रूप से बसे मुसहर परिवारों के घरों को प्रशासन द्वारा सीओ आरती कुमारी के नेतृत्व में जेसीबी से ध्वस्त किए जाने की घटना की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने मामले की जांच कर दोषी पदाधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई करने तथा भूमिहीन परिवारों को पर्चा, वासभूमि और आवास, पहुंचपथ उपलब्ध कराने की मांग की है। भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह एवं अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रखंड अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने जारी बयान में कहा कि फतेहपुर पंचायत के वार्ड 3 मुसहरी में वर्षों से बसे मुसहर परिवारों को बिना पूर्व सूचना दिए भूमाफिया के इशारे पर अंचल प्रशासन द्वारा सीताराम सदा, बाबूलाल सदा, सितबिया देवी, सुरेश सदा आदि के घरों को बुलडोजर चलवाकर उजाड़ दिया गया।      


उन्होंने आरोप लगाया कि जिस जमीन पर कार्रवाई की गई, उसके संबंध में किसी सरकारी निर्माण या सार्वजनिक परियोजना के लिए उपयोग का कोई प्रशासनिक निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसी स्थिति में गरीब और भूमिहीन परिवारों को व्यक्ति विशेष के जमीन के रुख को खोलने के उद्देश्य से बेघर करना अन्यायपूर्ण है। नेताओं ने कहा कि भाकपा माले दलितों, गरीबों और भूमिहीनों को वासभूमि, आवास, पर्चा तथा पहुंच पथ उपलब्ध कराने की मांग को लेकर अपना संघर्ष तेज करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने कार्रवाई के लिए रक्षाबंधन का दिन चुना, जब अधिकांश लोग घरों से बाहर थे। उनका कहना था कि जब स्थानीय लोग विरोध के लिए एकजुट होने लगे तो प्रशासनिक अधिकारी और कर्मी घटनास्थल से लौट गए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कार्रवाई पूरी तरह कानून सम्मत थी, तो विरोध के दौरान प्रशासन को घटनास्थल छोड़कर भागने की आवश्यकता क्यों पड़ी। विडियो बना रहे लोगों से मोबाइल छीनकर विडियो क्यों डिलीट किया गया। इससे पता चलता है कि अंचल प्रशासन भूमाफिया के इशारे पर जमीन पर निजी कब्जा के उद्देश्य से साज़िश के तहत सीओ द्वारा उजड़वाया गया है। भाकपा माले नेताओं ने घटना की निष्पक्ष जांच कराए जाने, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था करने तथा भूमिहीनों को स्थायी रूप से जमीन और आवास उपलब्ध कराने की मांग की है।

कोई टिप्पणी नहीं: