- स्टाम्प एवं पंजीयन राज्यमंत्री ने कहा—नए कानून से संपत्ति धोखाधड़ी रुकेगी, सदन नहीं चलने देना लोकतंत्र के साथ अन्याय
मंत्री ने आरोप लगाया कि जो दल वर्षों तक राम मंदिर निर्माण का विरोध करते रहे, वही आज मंदिर और चंदे के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कभी मंदिर आंदोलन में भागीदारी नहीं की, वे अब आस्था के मुद्दे पर सवाल खड़े कर राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं। “राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। इस पर घटिया राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है.” राम मंदिर चंदा विवाद पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कहीं कोई अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सरकार ने जांच समितियां गठित की हैं और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को संरक्षण नहीं देती। रविन्द्र जायसवाल ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था, आधारभूत संरचना और नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शी प्रशासन, संपत्ति सुरक्षा और सुशासन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा नई पंजीयन व्यवस्था आम नागरिकों के हित में एक महत्वपूर्ण सुधार सिद्ध होगी।
विधानसभा में पारित विधेयक से संपत्ति धोखाधड़ी पर रोक लगेगी
रविन्द्र जायसवाल ने कहा है कि प्रदेश में फर्जी रजिस्ट्री और संपत्ति धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। विधानसभा में पारित नए विधेयक के लागू होने के बाद पंजीयन विभाग को यह अधिकार मिल जाएगा कि वह रजिस्ट्री कराने आए व्यक्ति के मालिकाना हक का सत्यापन कर सके। अब तक व्यवस्था यह मानकर चलती थी कि संपत्ति खरीदने वाला स्वयं जांच करेगा कि बेचने वाला वास्तविक मालिक है या नहीं। विभाग मुख्य रूप से स्टाम्प शुल्क और दस्तावेजों की औपचारिकता देखता था। इसी कारण कई मामलों में किसी अन्य व्यक्ति की संपत्ति बेच देने, यहां तक कि सरकारी भूमि के फर्जी हस्तांतरण जैसी शिकायतें सामने आती थीं। “नई व्यवस्था लागू होने के बाद विभागीय अधिकारी यह जांच करेंगे कि संपत्ति बेचने वाला व्यक्ति वास्तविक स्वामी है या नहीं। संतोषजनक सत्यापन के बाद ही बिक्री विलेख का पंजीयन किया जाएगा। इससे फर्जीवाड़े के मामलों में कमी आएगी और निर्दोष लोगों को वर्षों तक अदालतों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।” मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार किसी व्यक्ति की भूमि किसी दूसरे के नाम बेच दी जाती थी और बाद में खरीदार न्यायालय में अधिकार का दावा लेकर पहुंच जाता था। नई व्यवस्था ऐसी प्रवृत्तियों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।
सदन चले, जनता का काम रुके नहीं
रविन्द्र जायसवाल ने कहा है कि राज्य सरकार पंजीयन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सरल और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों को रजिस्ट्री से जुड़े कार्यों में अनावश्यक दौड़भाग न करनी पड़े, इसके लिए विभागीय प्रक्रियाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है. रजिस्ट्री केवल राजस्व संग्रह का माध्यम नहीं, बल्कि नागरिकों की संपत्ति के अधिकारों की कानूनी सुरक्षा का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। ऑनलाइन सुविधाओं के विस्तार, दस्तावेजों के डिजिटल सत्यापन और समयबद्ध सेवा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि पारदर्शिता बढ़े, विवाद कम हों और लोगों का भरोसा मजबूत हो।
विपक्ष पर करारा हमला
रविन्द्र जायसवाल ने कहा कि विपक्ष को जनता की समस्याओं, विकास कार्यों और सुशासन पर चर्चा करनी चाहिए, लेकिन वह आस्था के विषयों को राजनीतिक हथियार बनाने में लगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक राम मंदिर आंदोलन से दूरी बनाए रखने वाले दल अब केवल सुर्खियां बटोरने के लिए बयानबाजी कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि “जनता सब देख रही है कि कौन विकास की बात करता है और कौन केवल विवाद खड़ा करने की राजनीति।” उन्होंने इसे “मुद्दाविहीन विपक्ष की हताशा” बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता भावनाओं का नहीं, काम और परिणाम का मूल्यांकन करती है।

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