मुंबई में दिखी देश की 15 बेमिसाल बुनाई परंपराएं - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 8 अगस्त 2026

मुंबई में दिखी देश की 15 बेमिसाल बुनाई परंपराएं

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मुंबई (अनिल बेदाग)। भारत की समृद्ध हथकरघा विरासत को बाजार से जोड़ने और बुनकरों को सशक्त बनाने की दिशा में नाबार्ड ने मुंबई में तीन दिवसीय राष्ट्रीय हथकरघा दिवस प्रदर्शनी-सह-बिक्री का आयोजन किया। 5 से 7 अगस्त तक बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित नाबार्ड के प्रधान कार्यालय में आयोजित इस आयोजन में देशभर की 15 प्रसिद्ध हथकरघा परंपराओं के उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने। महाराष्ट्र की पैठणी, तेलंगाना की पोचमपल्ली इकट, राजस्थान की कोटा डोरिया, ओडिशा की संबलपुरी, बिहार की भागलपुर सिल्क और पश्चिम बंगाल की कांथा स्टिच समेत विभिन्न राज्यों की पारंपरिक बुनाई को यहां सीधे उत्पादकों से खरीदने का अवसर मिला। कई उत्पाद जीआई टैग से भी जुड़े हैं, जिससे उनकी प्रामाणिकता और विशिष्ट पहचान को बल मिलता है। नाबार्ड के अनुसार, “उत्पादकों को सीधे ग्राहकों और बाजार से जोड़ना कारीगरों व बुनकरों के लिए बेहतर बाजार अवसर तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।” 6 अगस्त को आयोजित क्रेता-विक्रेता आयोजन ने कारीगरों, उत्पादक समूहों और संस्थागत खरीदारों के बीच नए कारोबारी अवसरों तथा दीर्घकालिक बाजार संपर्कों की संभावनाओं को मजबूत किया। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस हर वर्ष 7 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिन न सिर्फ बुनकरों के हुनर को सम्मान देता है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और सतत ग्रामीण आजीविका की भावना को भी मजबूत करता है।

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