वाराणसी : काशी के विकास को नई पहचान, जन सूचना अधिकारियों को निभानी होगी अहम भूमिका : डॉ. अग्निहोत्री - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 2 अगस्त 2026

वाराणसी : काशी के विकास को नई पहचान, जन सूचना अधिकारियों को निभानी होगी अहम भूमिका : डॉ. अग्निहोत्री

  • काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन के बाद बोले राज्य सूचना आयुक्त, विकास योजनाओं में पारदर्शिता और जनसूचना अधिकारियों की जवाबदेही जरूरी

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वाराणसी (सुरेश गांधी). राज्य सूचना आयुक्त डॉ. दिलीप अग्निहोत्री ने रविवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन कर काशी के तीव्र गति से हो रहे विकास की सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्व की प्राचीनतम जीवंत नगरी काशी अपने गौरव के अनुरूप आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और आधुनिक विकास की नई ऊंचाइयों को छू रही है। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से वाराणसी विकास का राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभरा है। अब तक 36,210 करोड़ रुपये की लागत से 536 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 25,007 करोड़ रुपये की 191 परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में समीक्षा बैठक में रोप-वे परियोजना, जल जीवन मिशन, दालमंडी सड़क चौड़ीकरण, अंडरग्राउंड केबलिंग के बाद सड़कों की मरम्मत, नई टाउनशिप, यूनिटी मॉल समेत सभी प्रमुख परियोजनाओं को तय समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं।


डॉ. अग्निहोत्री ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम सुशासन का प्रभावी माध्यम है। जन सूचना अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल सूचना देना नहीं, बल्कि नागरिकों की समस्याओं के समाधान में भी सक्रिय भूमिका निभाना है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में जन सूचना अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने को उत्तर प्रदेश और देश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने वाला ऐतिहासिक क्षण है। इससे काशी की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा और अधिक मजबूत हुई है। इससे पूर्व राज्य सूचना आयुक्त ने सर्किट हाउस में श्री काशी विश्वनाथ धाम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान विश्वभूषण मिश्र ने अपनी पुस्तक 'ग्लोबल सनातन' पर चर्चा की। डॉ. अग्निहोत्री ने उनके लेखन की सराहना करते हुए धाम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के रूप में किए जा रहे कार्यों को भी अनुकरणीय बताया।

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