- पार्वती और अजनाल नदी के पवित्र संगम पर आकार लेगा नेपाल की तर्ज पर बनने वाला मंदिर
- पूर्व नपाध्यक्ष राकेश राय ने मंदिर निर्माण के लिए दान किए 51 हजार रुपए, आगे भी सहयोग का दिया आश्वासन
धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है देहरी घाट
बता दें देहरी घाट वर्षों से स्थानीय निवासियों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। पार्वती और अजनाल नदियों के संगम तथा यहां स्थित प्राचीन माता के मंदिर के कारण इस स्थान का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इस स्थान का संबंध माता पार्वती की कठिन तपस्या से जोड़ा जाता है। पितृमोक्ष अमावस्या और प्रमुख त्योहारों पर यहां आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु स्नान व दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में मिलेगी नई पहचान
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि दो पवित्र नदियों के संगम पर पशुपतिनाथ मंदिर का निर्माण होने से देहरी घाट को आने वाले समय में एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान मिलेगी। भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अन्य समाजजनों और जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी ओर से सहयोग राशि देने की घोषणाएं कीं। इस आयोजन में देहरी घाट समिति के अध्यक्ष दिनेश राजपूत, शंकर पटेल, विधायक घनश्याम चंद्रवंशी, जनपद अध्यक्ष भोजराज परमार सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और बड़ी संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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