सीहोर : सीहोर-शाजापुर सीमा पर बनेगा भव्य पशुपतिनाथ मंदिर - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

सोमवार, 10 अगस्त 2026

सीहोर : सीहोर-शाजापुर सीमा पर बनेगा भव्य पशुपतिनाथ मंदिर

  • पार्वती और अजनाल नदी के पवित्र संगम पर आकार लेगा नेपाल की तर्ज पर बनने वाला मंदिर
  • पूर्व नपाध्यक्ष राकेश राय ने मंदिर निर्माण के लिए दान किए 51 हजार रुपए, आगे भी सहयोग का दिया आश्वासन

Pashupati-nath-mandir-sehore
सीहोर। शाजापुर और सीहोर जिले की सीमा पर स्थित प्रसिद्ध देहरी घाट में पार्वती और अजनाल नदियों के पवित्र संगम स्थल पर पशुपतिनाथ मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी गई। आयोजित भव्य धार्मिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों के रूप में कालापीपल विधायक घनश्याम चंद्रवंशी और सीहोर पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राकेश राय ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत भूमिपूजन किया। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम में विशेष रूप से आमंत्रित पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राकेश राय ने मंदिर निर्माण कार्य के लिए 51 हजार रुपये की सहयोग राशि समर्पित की। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों का विकास समाज को एकजुट करने का कार्य करता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी मंदिर निर्माण और परिसर के विकास में वे हर संभव सहयोग प्रदान करते रहेंगे।


धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है देहरी घाट

बता दें देहरी घाट वर्षों से स्थानीय निवासियों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। पार्वती और अजनाल नदियों के संगम तथा यहां स्थित प्राचीन माता के मंदिर के कारण इस स्थान का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इस स्थान का संबंध माता पार्वती की कठिन तपस्या से जोड़ा जाता है। पितृमोक्ष अमावस्या और प्रमुख त्योहारों पर यहां आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु स्नान व दर्शन के लिए पहुंचते हैं।


धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में मिलेगी नई पहचान

स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि दो पवित्र नदियों के संगम पर पशुपतिनाथ मंदिर का निर्माण होने से देहरी घाट को आने वाले समय में एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान मिलेगी। भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अन्य समाजजनों और जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी ओर से सहयोग राशि देने की घोषणाएं कीं। इस आयोजन में देहरी घाट समिति के अध्यक्ष दिनेश राजपूत, शंकर पटेल, विधायक घनश्याम चंद्रवंशी, जनपद अध्यक्ष भोजराज परमार सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और बड़ी संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।

कोई टिप्पणी नहीं: