- पटना SSP ने भाजपा के आदेश पर हमारे स्थानीय नेताओं को गिरफ्तार किया, उनके खिलाफ कार्रवाई हो
- प्रशांत किशोर ने सम्राट चौधरी को घेरा, बोले - नीतीश कुमार ने 20 वर्षों में चुनाव जीतने के लिए प्रशासन का गलत इस्तेमाल नहीं किया
मौके पर मंदिरी वार्ड 26 निवासी नवल किशोर गुप्ता ने कहा कि मैं और मेरी पत्नी घर में सो रहे थे, हमारे दरवाजे को जोर-जोर से पीटा गया, जब दरवाजा खोला तो भारी मात्रा में फोर्स तैनात थी। मैं उनमें से 1 पुलिसकर्मी को पहचानता था, उनसे पूछा क्या बात है? उन्होंने कहा कि नीचे ब़ड़ा बाबू बुला रहे हैं। मैंने कहा कि मेरे ऊपर किसी प्रकार का केस नहीं है, मैं बेकरी चलाता हूं। मुझे गाड़ी में बैठाकर ईधर-उधर घुमाने लगे। राजीव नगर थाने में ले जाकर मुझे रखा। मुझे वोट देने से भी वंचित किए जाने की बात कही तो शाम 5 बजे हथुआ पाठशाला में लाकर वोट दिलवाया गया और वहीं से मुझे छोड़ दिया। वहीं वार्ड 22 निवासी निभा भूषण ने कहा कि वैसे बुजुर्ग लोग जो मतदान करने नहीं जा पा रहे थे, मैं चाह रही थी कि वैसे लोग भी वोट दें। मेरी बहन भी वोट नहीं देने जा रही थी, मेरे कहने पर वो वोट देने गई। मैं उन्हें लेकर बूथ के बाहर तक गई। जब मैं घर आई तो वहां 2-4 बीजेपी के लड़के मुस्काकर डांस कर रहे थे। वहां मौजूद अधिकारी को मैंने कहा कि वे मेरे घर में कैसे घुसे? उन्होंने कहा कि अगर आप स्थानीय नहीं होइएगा तो फंस जाइएगा। हमने कहा हम स्थानीय हैं या नहीं इसका प्रमाण हम आपको नहीं देंगे। किसी भी पुलिस को सभ्य आदमी के घर में नहीं घुसना चाहिए था। ये दिखाता है कि हम आराजकता में जी रहे हैं। मैं एसएसपी के यहां जाकर शिकायत करने वाली थी, कि वो लोग कैसे मेरे घर में घुसे। मौके पर वार्ड 38 निवासी सुनील चंद्रवंशी ने कहा कि हम घर के नीचे बैठे थे, एएसआई आए और उन्होंने कहा कि बड़ा बाबू मिलने बुला रहे हैं, उन्होंने गाड़ी में बैठाया और इधर-उधर 2 घंटे तक घुमाते रहे। फिर आए और गाड़ी में बैठाकर थाने में ले गए और 2 घंटे बाद छोड़ दिया। फिर मेरे घर पर सिटी एसपी आए और घर को घेर लिया। फिर मैं वहां से हट गया।
मौके पर पीके ने कहा कि किस अधिकार से पुलिस ने इनको घर से अरेस्ट किया? चुनाव खत्म होने के 1 घंटे पहले मतदान कराकर इन्हें छोड़ा। एसएसपी दावा कर रहे हैं कि हम सिर्फ बाहर के लोगों को अरेस्ट कर रहे थे, धारा 144 का उल्लंघन हो रहा था। वे बताएं कि रात में सोया हुआ व्यक्ति धारा 144 का उल्लंघन कैसे कर रहा था? वहीं 22 नंबर वार्ड यहां का पोर्श इलाका है, वहां डिप्टी कलेक्टर के घर में घुसकर बीजेपी के लोग दबिश दे रहे हैं। जब मैं वहां पहुंचा तो वहां सीनियर अफसर भाग गए, दूसरे दरोगा मिले उन्होंने कहा कि हमारे अधिकारी भाग गए हैं। वहां हमारे नेताओं से बीजेपी के लोगों ने बद्तमिजी भी की। ये आदमी वही एसएसपी है, जब NEET की छात्रा के साथ रेप-हत्या हुई तो उन्होंने कहा था कि ये आत्महत्या है। एसएसपी महोदय को ये बताना है महिला के घर में आपने पुलिस क्यों भेजा था? पुलिस हमारे लोगों के घर पर 3-3 बार दबिश करने पहुंची है, वहीं एसएसपी विज्ञप्ति जारी कर कहते हैं कि बाहरी लोगों को गिरफ्तार कर रहे हैं। मेरा एक ही सवाल है, जन सुराज के कुल 54 लोगों को गिरफ्तार किया, वहीं भाजपा के कितने लोगों को गिरफ्तार किया है? वहीं 20 वर्ष के नीतीश कुमार के राज में इस तरह के प्रशासन व पुलिस का दुरुपयोग हमने नहीं देखा। हम किसी से डरने वाले नहीं है। हम लोगों के रिक्वेस्ट पर चुनाव आयोग ने आश्वस्त किया है कल वोटिंग की गिनती के समय में एसएसपी नहीं रहेंगे। मौके पर प्रशांत 18 स्थानीय लोगों की सूची भी जारी की जिन्हें प्रशासन ने पकड़ा है। मौके पर विधानसभा प्रभारी रामबली चंद्रवंशी, ललन यादव, कुमार सौरव, रवि नारायण, खुशबू पाठक सहित अन्य मौजूद थे।

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