- 1.90 करोड़ से अधिक लोगों की हुई टीबी स्क्रीनिंग, जांच, उपचार एवं पोषण सहायता के सभी प्रमुख मानकों पर बेहतर प्रदर्शन
विशेष अभियान के दौरान 15,004 टीबी मरीजों की पहचान एवं पंजीकरण किया गया। इनमें से 11,956 मरीजों को डिफरेंशिएटेड टीबी केयर के तहत विशेष देखभाल एवं नियमित फॉलो-अप से जोड़ा गया, ताकि उपचार की निरंतरता सुनिश्चित की जा सके। वहीं संक्रमण की रोकथाम के उद्देश्य से 42,239 घरेलू संपर्कों को टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (TPT) से जोड़ा गया। इससे ऐसे लोगों में टीबी विकसित होने की संभावना को कम करने की दिशा में प्रभावी पहल की गई। विभाग द्वारा उपचार की प्रत्येक अवस्था पर मरीजों की निगरानी एवं परामर्श की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। टीबी मरीजों के उपचार के साथ-साथ उनके पोषण एवं सामाजिक सहयोग पर भी विशेष बल दिया गया है। अभियान के दौरान 17,643 फूड बास्केट वितरित किए गए तथा 65,796 लाभार्थियों को निक्षय पोषण योजना के तहत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई, ताकि मरीज बिना किसी आर्थिक बाधा के अपना उपचार पूरा कर सकें। नियमित दवा के साथ संतुलित पोषण और सामाजिक सहयोग टीबी से पूर्णतः स्वस्थ होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी उद्देश्य से अभियान के दौरान समुदाय आधारित सहयोग एवं जनभागीदारी को भी बढ़ावा दिया गया। राज्य के सभी जिलों में अभियान को मिशन मोड में संचालित किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों तथा सामुदायिक समूहों के सहयोग से घर-घर जाकर स्क्रीनिंग, लक्षणों की पहचान, परामर्श और आवश्यक जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की है। परिणामस्वरूप सभी जिलों ने निर्धारित स्क्रीनिंग लक्ष्य के अनुरूप उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है और बिहार ने समग्र रूप से लक्ष्य का 185 प्रतिशत हासिल करते हुए टीबी उन्मूलन अभियान को नई गति प्रदान की है। यह उपलब्धि भविष्य में टीबी मुक्त बिहार और टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक मजबूत आधार सिद्ध होगी।

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