पटना : बिहार में पहली बार स्थापित होगा ‘स्कूल ऑफ अर्बन पॉलिसी एंड गवर्नेंस’ : प्रो. शरद कुमार यादव - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 1 अगस्त 2026

पटना : बिहार में पहली बार स्थापित होगा ‘स्कूल ऑफ अर्बन पॉलिसी एंड गवर्नेंस’ : प्रो. शरद कुमार यादव

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पटना (संवाददाता)। आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी (एकेयू) बिहार में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल करने जा रही है। इसके तहत विश्वविद्यालय में राज्य का पहला ‘स्कूल ऑफ अर्बन पॉलिसी एंड गवर्नेंस’ स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही पहली बार अर्बन पॉलिसी एंड गवर्नेंस विषय में एम.ए./एम.एससी. स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम भी शुरू होगा। इसकी जानकारी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) शरद कुमार यादव ने दी। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम भारत सरकार की राष्ट्रीय पहल के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य शहरी शासन, सतत विकास, संस्थागत क्षमता निर्माण और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को मजबूत करना है।


कुलपति प्रो. (डॉ.) शरद कुमार यादव ने कहा कि देश में तेजी से बढ़ते शहरीकरण, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, डिजिटल गवर्नेंस, जलवायु परिवर्तन और आधुनिक शहरी चुनौतियों को देखते हुए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना समय की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से विश्वविद्यालय ने यह दूरदर्शी पहल की है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे सक्षम, उत्तरदायी और दूरदर्शी नेतृत्व का निर्माण करना है, जो भविष्य के शहरी भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित स्कूल ऑफ अर्बन पॉलिसी एंड गवर्नेंस शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण, नीति विश्लेषण एवं क्षमता निर्माण का उत्कृष्ट केंद्र होगा। यहां सार्वजनिक नीति, अर्थशास्त्र, विधि, इंजीनियरिंग, वास्तुकला, पर्यावरण विज्ञान, भूगोल, डेटा एनालिटिक्स, प्रबंधन और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों के समन्वय से अंतःविषय शिक्षा एवं शोध को बढ़ावा दिया जाएगा। एम.ए./एम.एससी. पाठ्यक्रम में शहरी नीति एवं प्रशासन, स्मार्ट सिटी, डिजिटल गवर्नेंस, शहरी वित्त, नगर नियोजन, भूमि प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन, जीआईएस, शहरी डेटा विश्लेषण तथा अनुसंधान पद्धति जैसे विषय शामिल होंगे।


प्रो. यादव ने कहा कि पाठ्यक्रम को पूरी तरह रोजगारोन्मुख बनाया जाएगा। विद्यार्थियों को फील्ड विजिट, इंटर्नशिप, केस स्टडी, परियोजना कार्य, नीति विश्लेषण तथा सरकारी संस्थाओं के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा, जिससे वे वास्तविक प्रशासनिक चुनौतियों का समाधान विकसित कर सकें। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय इस स्कूल के माध्यम से राज्य एवं केंद्र सरकार के विभागों, नगर निकायों, स्मार्ट सिटी मिशनों, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और विकास एजेंसियों के साथ शैक्षणिक एवं शोध सहयोग स्थापित करेगा। कुलपति ने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020), सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) और विकसित भारत के विजन के अनुरूप है। इससे नगर निकायों, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, विकास प्राधिकरणों, सरकारी विभागों, नीति संस्थानों, शोध संगठनों, परामर्श कंपनियों तथा अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों में रोजगार और शोध के नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार में पहली बार स्थापित होने वाला यह स्कूल राज्य को शहरी नीति, सुशासन और प्रशासनिक क्षमता निर्माण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगा तथा आने वाले वर्षों में बिहार को इस क्षेत्र का अग्रणी केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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