- स्टाम्प एवं पंजीयन राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल ने सपरिवार किया दर्शन-पूजन
- रुद्राभिषेक के बाद जनकल्याण और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना, भक्ति संगीत और भंडारे ने बांधा आध्यात्मिक समां
रुद्राभिषेक में उमड़ी आस्था
सुबह से ही बाबा सारंगनाथ के दरबार में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। विधि-विधान से रुद्राभिषेक के बाद भगवान शिव का पूजन-अर्चन किया गया। श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में माथा टेककर परिवार की सुख-शांति, क्षेत्र की समृद्धि और समाज के कल्याण की प्रार्थना की। मंदिर परिसर में मौजूद लोगों के बीच धार्मिक उत्साह देखते ही बन रहा था।
‘एक पेड़ मां के नाम’ का संदेश
धार्मिक अनुष्ठान के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। बाबा सारंगनाथ के दरबार में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। इस पहल के जरिए धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति संरक्षण को जोड़ने का संदेश दिया गया। आयोजन में शामिल लोगों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने पर भी जोर दिया।
भक्ति के साथ भंडारे का स्वाद
रुद्राभिषेक और दर्शन-पूजन के बाद श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। बाटी-चोखा, चूरमा, दाल-चावल और खीर समेत विभिन्न प्रसाद श्रद्धालुओं को वितरित किए गए। भक्ति संगीत के बीच श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन का आनंद लिया। बाबा सारंगनाथ के दरबार में धार्मिक अनुष्ठान, जनभागीदारी, सेवा और पर्यावरण संरक्षण का यह संगम पूरे आयोजन को खास बनाता रहा। दिनभर मंदिर परिसर में ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष गूंजते रहे और सारनाथ की धरती शिवभक्ति से ओतप्रोत नजर आई।

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