- समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के दिए निर्देश
बैठक में तैयार किए जा रहे मास्टर प्लान के विभिन्न घटकों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। मास्टर प्लान के अंतर्गत बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआईसीएल) द्वारा मेडिकल छात्रों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए छात्रावासों का निर्माण तथा अत्याधुनिक मॉर्चरी कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त वर्तमान छात्रावासों की व्यापक मरम्मत एवं उन्नयन, परिसर में निर्बाध एवं सुदृढ़ विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं को सशक्त बनाने के कार्य भी किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों, चिकित्सकों एवं मरीजों को बेहतर एवं आधुनिक वातावरण उपलब्ध हो सके। इन सभी कार्यों के पूर्ण होने से एएनएमएमसीएच का आधारभूत ढांचा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप और अधिक आधुनिक एवं व्यवस्थित बनेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एएनएमएमसीएच, गया मगध क्षेत्र का प्रमुख चिकित्सा संस्थान है और भविष्य में इसे सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके विकसित होने से मगध क्षेत्र के लोगों को उच्च स्तरीय एवं आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध होंगी। गंभीर एवं जटिल बीमारियों के उपचार के लिए अन्य शहरों पर निर्भरता कम होगी, मरीजों को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी, रेफरल में कमी आएगी तथा इलाज में लगने वाला समय एवं आर्थिक व्यय भी घटेगा। साथ ही यह संस्थान चिकित्सा शिक्षा, शोध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। उन्होंने अधिकारियों को अस्पताल परिसर में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि चिकित्सा सेवाओं, आधुनिक उपकरणों तथा निर्माण कार्यों का संचालन बिना किसी व्यवधान के हो सके।
बैठक के दौरान अस्पताल के विभागवार क्लीनिकल प्रदर्शन की भी समीक्षा की गई। जून 2026 के आंकड़ों के अनुसार एएनएमएमसीएच में 36,155 ओपीडी मरीजों का उपचार किया गया, जबकि 2,965 मरीजों को आईपीडी सेवाएं प्रदान की गईं। इसी अवधि में 1,166 आपातकालीन मरीजों का सफलतापूर्वक उपचार किया गया। अस्पताल में 460 मेजर ऑपरेशन एवं 2,693 माइनर ऑपरेशन संपन्न हुए, जो संस्थान की बढ़ती सेवा क्षमता एवं चिकित्सकीय दक्षता को दर्शाते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूर्ण होने के बाद गया सहित पूरे मगध क्षेत्र के लोगों को अपने घर के निकट अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, उन्नत भवनों, बेहतर शैक्षणिक एवं शोध सुविधाओं तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता से एएनएमएमसीएच क्षेत्र के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों में शामिल होगा। इससे गंभीर रोगों के इलाज के लिए पटना अथवा अन्य बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी, मरीजों एवं उनके परिजनों का समय और आर्थिक व्यय बचेगा तथा गुणवत्तापूर्ण उपचार स्थानीय स्तर पर ही सुनिश्चित किया जा सकेगा। बैठक के अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मास्टर प्लान के अनुरूप सभी कार्यों की नियमित समीक्षा एवं अनुश्रवण किया जाए तथा परियोजना को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि मगध क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें