वर्षों से रुणीचा धाम से जुड़े श्रद्धालु
नसरुल्लागंज से पहुंचे श्रद्धालु कृष्णकांत शर्मा ने बताया कि वे कई वर्षों से रुणीचा धाम आ रहे हैं और बाबा रामदेव जी के दर्शन कर धर्मलाभ ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष दशमी के आयोजन में शामिल होने की उनकी आस्था बनी हुई है। वहीं नर्मदापुरम से पहुंचे शैलेंद्र सारथी ने बताया कि वे भी वर्षों से रुणीचा धाम से जुड़े हुए हैं और बाबा रामदेव जी के प्रति उनकी गहरी आस्था है। दशमी के अवसर पर यहां आकर उन्हें आध्यात्मिक अनुभूति होती है।
आस्था का प्रमुख केंद्र है रुणीचा धाम
रुणीचा धाम लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां आने वाले कई श्रद्धालु विभिन्न परेशानियों और बीमारियों में लाभ मिलने की बात भी बताते हैं। हालांकि ये श्रद्धालुओं की व्यक्तिगत मान्यताएं और अनुभव हैं। रुणीचा धाम के धार्मिक एवं आध्यात्मिक संरक्षण का कार्य आचार्य पंडित श्री आनंद मोहन शुक्ला द्वारा वर्षों से किया जा रहा है। दशमी के आयोजन में दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में दिनभर धार्मिक एवं भक्तिमय माहौल बना रहा।

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