सीहोर : प्राथमिक उपचार की जानकारी जरूरी, आपात स्थिति में बन सकती है जीवनरक्षक - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

रविवार, 13 सितंबर 2026

सीहोर : प्राथमिक उपचार की जानकारी जरूरी, आपात स्थिति में बन सकती है जीवनरक्षक

First-aid-information-sehore
सीहोर। शहर के सैकड़ाखेड़ी स्थित संकल्प नशा मुक्ति केंद्र में आयोजित दो दिवसीय विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस कार्यक्रम का रविवार को समापन हुआ।  शनिवार को जिला अस्पताल में पदस्थ वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आरके वर्मा ने केंद्र में मौजूद वृद्धजनों एवं हितग्राहियों को प्राथमिक चिकित्सा के महत्व और आपातकालीन परिस्थितियों में बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। किसी बीमार अथवा घायल व्यक्ति को चिकित्सकीय सहायता मिलने से पहले दी जाने वाली तत्काल आपातकालीन देखभाल को प्राथमिक चिकित्सा कहा जाता है। कई बार दुर्घटना या अचानक आई स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में समय पर प्राथमिक उपचार नहीं मिलने के कारण व्यक्ति की जान तक चली जाती है। ऐसे समय में सही तरीके से दी गई प्राथमिक चिकित्सा व्यक्ति की स्थिति को गंभीर होने से रोकने के साथ ही अस्पताल पहुंचने तक उसके जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।


उन्होंने कहा कि प्राथमिक चिकित्सा कुछ परिस्थितियों में व्यक्ति के लिए तत्काल आवश्यक देखभाल का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम होती है, जबकि गंभीर मामलों में यह मरीज को तब तक सुरक्षित रखने में मदद करती है, जब तक चिकित्सा दल या पैरामेडिक्स मौके पर पहुंचकर उसे अस्पताल नहीं ले जाते। उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि प्राथमिक चिकित्सा का विधिवत प्रशिक्षण लेना सबसे बेहतर है, लेकिन इसके साथ ही प्रत्येक व्यक्ति को कुछ बुनियादी जीवनरक्षक तकनीकों की जानकारी भी होनी चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर वह किसी घायल या बीमार व्यक्ति की तत्काल मदद कर सके। रविवार को कार्यक्रम के दौरान केंद्र के संचालक राहुल सिंह के मार्गदर्शन में मेडिकल स्टाफ द्वारा भी आपातकालीन प्राथमिक चिकित्सा के संबंध में जानकारी दी गई। इस दौरान डॉ. दीपक सहित मेडिकल स्टाफ ने विभिन्न परिस्थितियों में प्राथमिक उपचार के महत्व और तत्काल सहायता के संबंध में उपस्थित हितग्राहियों को समझाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में केंद्र के हितग्राही एवं वृद्धजन मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि प्राथमिक चिकित्सा का ज्ञान केवल स्वास्थ्यकर्मियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आम नागरिकों को भी इसकी बुनियादी जानकारी होना जरूरी है, क्योंकि आपात स्थिति में अस्पताल या एंबुलेंस पहुंचने से पहले मिला सही उपचार किसी के लिए जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर साबित हो सकता है।

कोई टिप्पणी नहीं: