- राजघाट पर 70.29 मीटर पहुंचा जलस्तर, गरज-चमक के साथ बारिश जारी; बाढ़ क्षेत्रों में अफसरों का नाव से तूफानी निरीक्षण

वाराणसी (सुरेश गांधी) । गंगा का मिजाज मंगलवार को भी तल्ख रहा। लगातार बारिश और ऊपर से आ रहे पानी के बीच राजघाट स्थित केंद्रीय जल आयोग के गेज पर शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 70.29 मीटर दर्ज किया गया। यह 70.262 मीटर की चेतावनी रेखा से 2.8 सेंटीमीटर ऊपर है, जबकि खतरे के निशान 71.262 मीटर से अभी 97.2 सेंटीमीटर नीचे है। हालांकि शाम चार बजे जलस्तर की रफ्तार स्थिर (स्टीडी) रही। दिनभर तड़तड़ाती गरज-चमक के साथ बारिश ने तटवर्ती इलाकों की चिंता बढ़ाए रखी। इसी बीच पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बाढ़ की जमीनी तस्वीर देखने के लिए एनडीआरएफ की नाव से गंगा-वरुणा के बाढ़ प्रभावित इलाकों का तूफानी दौरा किया। नमो घाट से निकले अधिकारी गंगा-वरुणा के संगम आदि केशव घाट से आगे बढ़े और सलारपुर, सरैया, कोनिया, पुल कोहना, ढेलवरिया, सराय मोहना समेत प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। जलभराव, तटवर्ती आबादी और राहत-बचाव की तैयारियों को परखा तथा स्थानीय लोगों से सीधे संवाद कर सुविधाओं की जानकारी ली।
अधिकारियों ने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि दैवी आपदा की इस घड़ी में प्रशासन उनके साथ खड़ा है। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को अलर्ट मोड में रखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर निगरानी और जरूरत पड़ने पर लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। राहत एवं बचाव के लिए नाव और अन्य संसाधन पर्याप्त रखने को कहा गया। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने प्राथमिक विद्यालय सलारपुर और विद्या विहार इंटर कॉलेज सलारपुर, रसूलगढ़ स्थित राहत शिविरों का निरीक्षण किया। शिविरों में भोजन, पेयजल, बिजली, प्रकाश, शौचालय, स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाओं की पड़ताल की। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की जरूरतों पर विशेष ध्यान देने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। सुरक्षा के मद्देनजर राहत शिविरों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश भी दिया गया।
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