जनभागीदारी से बनेगा स्वच्छता का महाअभियान
उपस्थित पदाधिकारियों ने जिलेवासियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, युवाओं, छात्र-छात्राओं एवं स्थानीय नागरिकों से 24 सितंबर से शुरू होने वाले इस वृहत स्वच्छता अभियान में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि जीवछ नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि क्षेत्र की प्राकृतिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नदी को स्वच्छ एवं संरक्षित रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सभी का साझा दायित्व है। प्रत्येक नागरिक अभियान से जुड़कर नदी की साफ-सफाई में सहयोग करे, नदी एवं उसके आसपास कूड़ा-कचरा नहीं फैलाने का संकल्प ले तथा अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करे। इस अवसर पर डीपीओ जिला गंगा समिति, नमामि गंगे आनंद अंकित ने जीवछ नदी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीवछ नदी मधुबनी एवं आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए वरदान के समान है। इसकी निर्मलता, अविरलता एवं पवित्रता को बनाए रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि नदियों एवं जलस्रोतों के संरक्षण के लिए केवल अभियान चलाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों को निरंतर इससे जोड़ना और उनमें स्वच्छता एवं संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी जरूरी है। हम सब मिलकर जीवछ नदी की निर्मलता और पवित्रता को बनाए रखने, उसे पुनर्जीवित करने तथा मुक्ति धाम के कायाकल्प में सहभागी बनें। सामूहिक प्रयास और जनभागीदारी से ही स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ मधुबनी के संकल्प को साकार किया जा सकता है।

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