उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को ही आने से रोका गया और केवल चुनिंदा लोगों को बुलाया गया। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने एसआरसीसी में झूठ बोला, सिर्फ चुनाव प्रचार किया।’’ कुमार ने कहा कि वर्ष 2013 में जब प्रधानमंत्री दिल्ली विश्वविद्यालय आए थे, तब उन्होंने ‘‘आधा गिलास पानी से भरा और आधा हवा से भरा’’ होने की बात कही थी, लेकिन ‘‘13 साल बाद समझ में आ गया कि आधा गिलास पीआर से भरा हुआ है।’’ उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री दिल्ली विश्वविद्यालय में शिक्षा व्यवस्था, छात्रों और उनकी समस्याओं पर बात करेंगे। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि प्रधानमंत्री को पता होना चाहिए कि नीट परीक्षा की विफलता के चलते 25 विद्यार्थियों ने आत्महत्या की। उन्होंने यह भी दावा किया कि हजारों स्कूल और सैकड़ों इंजीनियरिंग कॉलेज बंद हो गए हैं तथा बेरोजगारी अपने उच्चतम स्तर पर है। कुमार ने कहा कि जब दिल्ली विश्वविद्यालय के विद्यार्थी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे थे और ‘‘पीटे जा रहे थे’’, तब प्रधानमंत्री ने इस पर कुछ नहीं कहा।
उन्होंने परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विद्यार्थी एक ‘‘मजबूत प्रधानमंत्री’’ से ‘‘मजबूत परीक्षा प्रणाली’’ की मांग कर रहे थे, तो उन पर ‘‘पैलेट गन चलाई गई।’’ कुमार ने महंगाई के मुद्दे को लेकर भी प्रधानमंत्री पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि उन्होंने महंगाई को नियंत्रण में होने की बात कहकर ‘‘झूठ’’ बोला। कांग्रेस नेता ने पेट्रोल, चीनी और दूध की कीमतों का हवाला देते हुए कहा कि आम लोगों की मौजूदा स्थिति पर प्रधानमंत्री ने कोई बात नहीं की। कुमार ने राम मंदिर में चंदे की कथित चोरी और पेट्रोल में एथेनॉल मिलाए जाने के मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री से सवाल किए। उन्होंने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के "छात्रों की गूंज" कार्यक्रम का हवाला देते हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्री को ‘छात्रों की गूंज’ से घबराहट हो रही है।’’ कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह सरकार की ‘‘नाकामी’’ है कि वह एक भी परीक्षा ठीक से नहीं करा पा रही है। कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री को यह समझना चाहिए कि देश का युवा शिक्षा, रोजगार और परीक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित है और सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को यदि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों की चिंता है तो वह विद्यार्थियों के लिए मेट्रो पास और हर कॉलेज में छात्रावास की सुविधा दें।

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