दिल्ली : महेश जेठमलानी ने न्यायिक भ्रष्टाचार में 'फिक्सर’ वकीलों की भूमिका को लेकर चिंता जताई - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 14 सितंबर 2026

दिल्ली : महेश जेठमलानी ने न्यायिक भ्रष्टाचार में 'फिक्सर’ वकीलों की भूमिका को लेकर चिंता जताई

Mahesh-jethmalani
नई दिल्ली । वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने न्यायपालिका और अधिकरणों में भ्रष्टाचार के लिए ‘‘फिक्सर’’ की भूमिका पर सोमवार को चिंता जताते हुए कहा कि ऐसे लोगों के बारे में कानूनी बिरादरी में सबको पता है और यह जानकारी उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम के साथ साझा की जानी चाहिए। राज्यसभा सदस्य महेश जेठमलानी राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ‘राम जेठमलानी मेमोरियल लेक्चर सीरीज’ में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘न्यायपालिका या अधिकरणों में, भ्रष्टाचार की वजह ‘फिक्सर’ वकील हैं। ये वकील रिश्वतखोरी को बढ़ावा देकर पूरी कानूनी व्यवस्था में हेर-फेर करते हैं। बार में हर कोई जानता है कि वे कौन हैं। उनके नाम शायद खुफिया एजेंसियों के पास उपलब्ध हैं और यदि अब तक उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम को नहीं बताया गया है तो उनके बारे में बताने की जरूरत है।’’


महेश जेठमलानी ने बार काउंसिल के कामकाज की भी आलोचना की, खासकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अध्यक्ष का कार्यकाल पांच साल तक बढ़ाने की कथित कोशिश की। उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत शर्म की बात है कि कानून के तहत निर्धारित दो साल के कार्यकाल के बजाय, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष का कार्यकाल पांच साल यानी 2030 तक बढ़ाने की कोशिश की गई।’’ वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि उच्चतम न्यायालय में लंबित एक याचिका में बार काउंसिल के पदाधिकारियों पर भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए गए हैं। जेठमलानी ने कहा, ‘‘सुप्रीम कोर्ट के समक्ष याचिका में बार काउंसिल के अधिकारियों पर भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं, साथ ही एक ऐसे ट्रस्ट पर हमेशा के लिए नियंत्रण करने की कोशिश का आरोप भी है, जिसके पास महत्वपूर्ण काम करने की जिम्मेदारी है।’’ वह 'बार काउंसिल ऑफ इंडिया ट्रस्ट' की संपत्ति और आय को 'पर्ल ट्रस्ट' के सुपुर्द करने से जुड़े आरोपों का जिक्र कर रहे थे। 'पर्ल ट्रस्ट' का प्रबंधन 11 ट्रस्टी करते हैं और वे सभी बीसीआई के पदाधिकारी हैं। जेठमलानी द्वारा उल्लेख किये गए आरोपों के अनुसार, ट्रस्टी इस पद पर तब भी बने रह सकते हैं, जब वे बीसीआई के सदस्य नहीं रह जाते।

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