उप विकास आयुक्त ने पोषण एवं आँगनवाड़ी केंद्रों की गुणवत्ता पर दिया विशेष जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त, मधुबनी ने कहा कि पोषण एक व्यापक एवं बहुआयामी विषय है, जिसका संबंध केवल पर्याप्त एवं संतुलित आहार की उपलब्धता से नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, स्वच्छता, मातृ एवं शिशु देखभाल, उचित खान-पान, व्यवहार परिवर्तन तथा सामुदायिक सहभागिता से भी है। उन्होंने कहा कि बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा परिवारों के पोषण स्तर में अपेक्षित सुधार के लिए विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय के साथ-साथ समुदाय की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। योजनाओं एवं कार्यक्रमों का वास्तविक प्रभाव उनके जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन से सुनिश्चित होता है।उप विकास आयुक्त महोदय ने आँगनवाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे समुदाय एवं परिवारों के साथ प्रत्यक्ष संपर्क के माध्यम से पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं बाल विकास से संबंधित संदेशों को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को पोषण संबंधी गतिविधियों के प्रभावी संचालन तथा समुदाय में व्यवहारगत परिवर्तन के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने दीपावली पर्व से पूर्व जिले के सभी आँगनवाड़ी केंद्रों का आवश्यकतानुसार रंग-रोगन एवं समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आँगनवाड़ी केंद्र बच्चों एवं समुदाय के लिए महत्वपूर्ण सेवा केंद्र हैं, इसलिए इनका स्वच्छ, सुव्यवस्थित, आकर्षक एवं बाल-अनुकूल होना आवश्यक है। उन्होंने सभी आँगनवाड़ी सेविकाओं से अपने-अपने केंद्रों की स्वच्छता, साफ-सफाई एवं समुचित रख-रखाव पर विशेष ध्यान देने तथा उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए केंद्रों को बेहतर स्वरूप प्रदान करने की अपील की। उप विकास आयुक्त महोदय ने सभी आँगनवाड़ी सेविकाओं एवं संबंधित पदाधिकारियों से निर्धारित सभी मानकों में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आँगनवाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध सेवाओं, अभिलेखों, वृद्धि निगरानी, पोषण संबंधी गतिविधियों तथा अन्य निर्धारित मानकों की नियमित समीक्षा एवं अनुश्रवण के माध्यम से शत-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आँगनवाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं को बधाई देते हुए उनके कार्यों की सराहना की तथा अन्य कर्मियों को भी उत्कृष्ट कार्यों से प्रेरणा लेने हेतु प्रोत्साहित किया।

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