पटना : माता सीता महिला विवि की स्थापना सीतामढ़ी में हो : राजेश राठौड़ - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

गुरुवार, 24 सितंबर 2026

पटना : माता सीता महिला विवि की स्थापना सीतामढ़ी में हो : राजेश राठौड़

Rajesh-rathor-bihar-congress
पटना/सीतामढ़ी, गुरुवार, 24 सितम्बर, (रजनीश के झा) । माता सीता के नाम पर पटना में प्रस्तावित महिला विश्वविद्यालय की घोषणा के बाद बिहार कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है और उन्होंने राज्य सरकार के द्वारा प्रस्तावित इस महिला विश्वविद्यालय को सीतामढ़ी में खोले जाने की मांग रख दी है। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने राज्य सरकार से मांग रखी है कि सीतामढ़ी मां जानकी की जन्मभूमि है और सीतामढ़ी में एक भी विश्वविद्यालय नहीं है। जब बिहार विशिष्ट विवि अधिनियम 2026 के तहत दो नए विश्वविद्यालय खोलने की अनुशंसा राज्य सरकार कर रही है तो पटना के बजाय सीतामढ़ी में मां सीता महिला विवि को स्थापित किया जाएं। इससे क्षेत्र के विकास के साथ साथ बी आर आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर पर भी दबाव कम होगा और शैक्षणिक गतिविधियां ससमय संचालित होंगी। साथ ही उन्होंने सीतामढ़ी शिवहर सहित उत्तर बिहार के चंपारण के जिलों को सीतामढ़ी से सीधा जुड़ाव रहेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मां सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी का तेजी से विकास संभव हो सकेगा। साथ ही सीतामढ़ी शिवहर सहित चंपारण के छात्राओं को मुजफ्फरपुर जाने से छुटकारा मिलेगा। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय पर पहले से बहुत ज्यादा कॉलेजेज का भार है और ऐसे में उसके भी सुचारू क्रियान्वयन में सुविधा आएगी। साथ ही बिहार के लिए प्रथम महिला विश्वविद्यालय की स्थापना सीतामढ़ी में हो तो यह मां जानकी के स्थली को पर्यटन के साथ बौद्धिक विकास में भी तेजी मिलेगी। इस पर राज्य सरकार गंभीरता से विचार करें क्योंकि पटना में पहले से कई विश्वविद्यालय कार्यरत हैं। शैक्षणिक विकास की अलख दूर तक जगाने में सीतामढ़ी में यदि मां सीता महिला विवि की स्थापना होती है तो बेहतर परिणाम सामने आयेंगे।

कोई टिप्पणी नहीं: