कार्यपालक पदाधिकारी संदीप कुमार ने कहा कि स्वच्छता ही सेवा अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को जन-आंदोलन का स्वरूप देना है। छात्र-छात्राओं के बीच इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने से उनमें स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी और नेतृत्व की भावना विकसित होती है। उन्होंने कहा कि कचरे का उचित निस्तारण, गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्करण और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। वहीं स्वच्छता पदाधिकारी नौशाद आलम ने कहा कि अपने आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने, कचरे को निर्धारित स्थान पर डालने, गीले एवं सूखे कचरे को अलग रखने तथा सार्वजनिक स्थलों एवं जलस्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय सहयोग करें। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वच्छता के विषय पर अपनी बात रखने के साथ-साथ समस्याओं पर विचार करने, सवाल उठाने और समाधान सुझाने का अवसर मिला। कार्यक्रम ने बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक होने के साथ अपने परिवार एवं समाज में स्वच्छता का संदेश आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। डीपीओ नमामि गंगे आनंद अंकित ने कहा कि स्वच्छता अभियान को सफल और प्रभावी बनाने के लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने आम नागरिकों, युवाओं एवं विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास और जिम्मेदार नागरिक सहभागिता से ही स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।
मधुबनी, 22 सितम्बर, (रजनीश के झा) । स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 के अंतर्गत नगर पंचायत घोघरडीहा में आज छात्र-छात्राओं के बीच स्वच्छता विषय पर परिचर्चा सह वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा स्वच्छ एवं सुंदर शहर के निर्माण में उनकी भूमिका को रेखांकित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य पार्षद अनिल कुमार मंडल, कार्यपालक पदाधिकारी संदीप कुमार एवं स्वच्छता पदाधिकारी नौशाद आलम द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन कार्यपालक सहायिका कुमारी संगीता सहल ने किया। कार्यक्रम में +2 भोला उच्च विद्यालय, +2 बाबा अन्नपूर्णा झा बालिका प्रोजेक्ट विद्यालय, आईटीआई घोघरडीहा एवं अंबिका पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने स्वच्छता से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार, तर्क एवं सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने स्वच्छ शहर के निर्माण में नागरिकों और युवाओं की भूमिका पर भी अपनी बात रखी। परिचर्चा एवं वाद-विवाद के दौरान कचरा पृथक्करण, स्वच्छ परिवेश, प्लास्टिक मुक्त समाज, सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता तथा जिम्मेदार नागरिक व्यवहार जैसे विषयों पर विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक सोच साझा की। बच्चों ने स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा करते हुए उनके समाधान के लिए कई उपयोगी सुझाव भी दिए। इस अवसर पर मुख्य पार्षद अनिल कुमार मंडल ने कहा कि स्वच्छ शहर का निर्माण केवल नगर निकाय के प्रयासों से संभव नहीं है। इसमें प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। बच्चों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करना भविष्य के लिए एक मजबूत आधार तैयार करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने घर, विद्यालय और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता का संदेश फैलाने की अपील की।

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