- कुलाधिपति का अनुमोदन के बगैर जाँच के नाम पर मनमानी और कथित अमर्यादित व्यवहार के खिलाफ आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के कर्मचारियों का जोरदार आंदोलन
विश्वविद्यालय प्रशासन का आरोप है कि 12 सितंबर को जाँच के दौरान श्री पवन कुमार सिन्हा द्वारा कुलपति एवं विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों के साथ कथित रूप से अभद्र, अमर्यादित एवं आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया तथा कथित रूप से धमकीपूर्ण लहजे में बातचीत की गई। श्री पवन सिन्हा के द्वारा यह भी कहा गया कि इनलोगों को डंडा से मार कर हाथ-पैर तोड़वा देने चाहिए। इस प्रकार का आचरण किसी भी उच्च पदस्थ सरकारी पदाधिकारी, विशेषकर जाँच समिति के समन्वयक, से अपेक्षित मर्यादा एवं प्रशासनिक शिष्टाचार के सर्वथा विपरीत है। कर्मचारियों ने कहा कि किसी भी जाँच अधिकारी को विश्वविद्यालय के संवैधानिक एवं प्रशासनिक पदों की गरिमा को ठेस पहुंचाने का अधिकार नहीं है। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्धारित जाँच विषय से इतर विभिन्न फाइलों एवं दस्तावेजों की मांग कर विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों पर दबाव बनाया गया। विश्वविद्यालय के अनुसार, जाँच से संबंधित 1,344 पृष्ठों के अनुलग्नकों के बावजूद अन्य फाइलों की मांग किया जाना जाँच की पारदर्शिता और अधिकार क्षेत्र को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। आंदोलन कर रहे कर्मचारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विश्वविद्यालय की गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और जाँच के नाम पर कथित दबाव, धमकी या दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कर्मचारियों ने श्री पवन कुमार सिन्हा से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। आंदोलन के दौरान “पवन कुमार सिन्हा इस्तीफा दो”, “विश्वविद्यालय की गरिमा से खिलवाड़ बंद करो” तथा जाँच समिति की वैधानिकता एवं अधिकार क्षेत्र की समीक्षा की मांग को लेकर नारे लगाए गए। कर्मचारियों ने पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक एवं चरणबद्ध किया जाएगा। कर्मचारियों ने माननीय कुलाधिपति-सह-राज्यपाल, बिहार से पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लेने, जाँच समिति के गठन एवं अधिकार क्षेत्र की उच्चस्तरीय समीक्षा कराने तथा कथित अमर्यादित आचरण की निष्पक्ष जाँच कराने की मांग की है। कर्मचारियों ने कहा कि वे विश्वविद्यालय की स्वायत्तता, गरिमा एवं सम्मान की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेंगे।

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