नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 1,400 के पार, छह हजार से अधिक लोग अब भी लापता - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 16 सितंबर 2026

नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 1,400 के पार, छह हजार से अधिक लोग अब भी लापता

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नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बुधवार को 1,404 हो गई तथा बाढ़ प्रभावित जिलों में और शव मिलने के साथ बचाव दल छह हजार से अधिक लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। नेपाल पुलिस की ओर से जारी एक बुलेटिन के अनुसार, मृतकों की संख्या बढ़कर 1,404 हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 13,700 से अधिक लोगों को बचाया जा चुका है, जबकि करीब 6,150 लोग अब भी लापता हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को हिमस्खलन के कारण आई अचानक बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई थी। हिमालयी सीमा क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी में बाढ़ आई, जिससे मकान, वाहन, सड़कें और पुल बह गए तथा पनबिजली परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा। चीनी मीडिया के अनुसार, चीन की तरफ भी बाढ़ में 43 लोगों की मौत हुई है और 500 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। अधिकारियों ने बताया कि नेपाल में अकेले चितवन जिले में 364 शव बरामद किए गए हैं, जो सभी जिलों में सबसे अधिक हैं। इसके बाद नवलपरासी पूर्व में 232 और नवलपरासी पश्चिम में 222 शव मिले हैं। बाकी शव नुवाकोट, रसुवा, गोरखा, धादिंग और तनाहुन जिलों से बरामद हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की पहचान करना बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। अब तक बरामद कुल शवों में से केवल 104 की पहचान होने के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंपा गया है। अधिकारियों ने बताया कि नीचे की ओर बहकर आए शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त या सड़ चुके हैं अथवा केवल शरीर के कुछ हिस्से ही बरामद हुए हैं। ऐसे में चेहरे, कपड़ों या निजी सामान के आधार पर उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। फोरेंसिक विशेषज्ञों के अनुसार, कई मामलों में डीएनए जांच बेहद महत्वपूर्ण हो गई है, लेकिन यह समय लेने वाली प्रक्रिया है। बाढ़ प्रभावित रसुवा और नुवाकोट जिलों की कई पनबिजली परियोजनाओं में खोजी दल तैनात किए गए हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रमिकों का अब तक पता नहीं चल सका है। इन अभियानों में नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और विदेशी तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं। भारत में नेपाल के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बुधवार को बताया कि भारतीय और नेपाली बचाव दलों ने कई दिनों तक गाद और कीचड़ हटाने के बाद चिलिमे पनबिजली परियोजना के बिजलीघर तक पहुंचकर सुरंग से पांच लोगों के शव बरामद किए।

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