- एक दिन में 5 से 10 घंटे तक बिजली गुल, लो-वोल्टेज और वोल्टेज के उतार-चढ़ाव से विद्युत उपकरण हो रहे खराब; 15 साल पुरानी डीपी पर बढ़ा सैकड़ों घरों का भार
पुरानी डीपी पर बढ़ता जा रहा लोड
नरेन्द्र नगर के रहवासियों का कहना है कि वर्षों पहले जिस डीपी की क्षमता के अनुसार क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था की गई थी, उसी व्यवस्था से वर्तमान में बड़ी संख्या में घरों को बिजली सप्लाई की जा रही है। घरों की संख्या कई गुना बढ़ने के बावजूद विद्युत व्यवस्था को उसी अनुपात में मजबूत नहीं किया गया है। इसके कारण आए दिन बिजली गुल होने और वोल्टेज की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। रहवासियों के मुताबिक कई बार दिन में अलग-अलग समय पर बिजली बंद हो जाती है और कुल मिलाकर करीब 5 से 10 घंटे तक विद्युत आपूर्ति प्रभावित रहती है। इसके अलावा बिजली आने के बाद भी वोल्टेज स्थिर नहीं रहता। कभी वोल्टेज काफी कम हो जाता है तो कभी अचानक बढ़ जाता है। इससे विद्युत उपकरणों को नुकसान होने का खतरा बना रहता है।
15 साल से समस्या झेल रहे रहवासी
नरेन्द्र नगर निवासी श्याम सिंह चंद्रवंशी, लीलावती चंद्रवंशी, रविन्द्र गांधी, रेखा गुर्जर और कांता वर्मा सहित अन्य रहवासियों ने बताया कि वे करीब 15 वर्षों से बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या का सामना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कॉलोनी में डीपी लगाए जाने के समय यहां बहुत कम संख्या में मकान थे, लेकिन अब नरेन्द्र नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में परिवार निवास कर रहे हैं। रहवासियों का कहना है कि विद्युत भार बढ़ने के बावजूद पर्याप्त क्षमता की व्यवस्था नहीं की गई है। इस समस्या को लेकर सीएम हेल्पलाइन सहित अन्य माध्यमों से भी शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
बिजली के उतार-चढ़ाव से उपकरण खराब होने की शिकायत
क्षेत्रवासियों ने बताया कि बिजली की समस्या केवल कटौती तक सीमित नहीं है। कई बार बिजली आने के बाद वोल्टेज अचानक कम-ज्यादा होने लगता है। इससे घरों में उपयोग होने वाले टीवी, फ्रिज और अन्य विद्युत उपकरणों के खराब होने की स्थिति बन जाती है। रहवासियों का कहना है कि बार-बार होने वाले वोल्टेज के उतार-चढ़ाव के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था का तकनीकी निरीक्षण कर वर्तमान आबादी और विद्युत भार के अनुसार नई या अतिरिक्त डीपी की व्यवस्था की जाए तथा आवश्यकतानुसार विद्युत लाइनों और पोलों को भी व्यवस्थित किया जाए।
झूलते तारों से हादसे का खतरा
नरेन्द्र नगर और आसपास के क्षेत्रों में विद्युत पोलों पर फैले तारों के जाल को लेकर भी रहवासियों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि कई स्थानों पर तार व्यवस्थित नहीं हैं और झूलते तार हादसे को न्योता दे रहे हैं। ऐसे में बारिश, तेज हवा या अन्य परिस्थितियों में किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। क्षेत्रवासियों ने विद्युत कंपनी से मांग की है कि बिजली कटौती, लो-वोल्टेज, बढ़ते विद्युत भार और झूलते तारों की समस्या का एक साथ निराकरण किया जाए। उनका कहना है कि यदि सात दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्रवासी एकजुट होकर विद्युत कंपनी के कार्यालय का घेराव करेंगे और अपनी मांग को लेकर आंदोलन करेंगे।
स्थायी समाधान की मांग
रहवासियों का कहना है कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा को लेकर उन्हें वर्षों से परेशानी उठानी पड़ रही है। बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और छोटे व्यवसाय भी बार-बार बिजली बंद होने से प्रभावित होते हैं। ऐसे में केवल अस्थायी सुधार के बजाय क्षेत्र की वर्तमान आवश्यकता के अनुसार विद्युत व्यवस्था को अपग्रेड किया जाना जरूरी है। क्षेत्रवासियों ने विद्युत कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कराकर अधिक क्षमता वाली डीपी, पर्याप्त विद्युत लाइन और व्यवस्थित पोल-तारों की व्यवस्था किए जाने की मांग की है, ताकि नरेन्द्र नगर सहित आसपास के रहवासियों को लंबे समय से चली आ रही बिजली समस्या से स्थायी राहत मिल सके।

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