उन्होंने आरोप लगाया कि लेकिन सरकार उन सिद्धांतों का पालन नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि 300 से अधिक सांसद पिछले दिन से निर्वाचन आयुक्तों से मिलने की मांग कर रहे हैं। प्रियंका ने कहा कि सांसद निर्वाचन आयुक्तों को ‘‘वोट चोरी’’ के बारे में बताना चाहते हैं और उनका इस्तीफा मांगना चाहते हैं, क्योंकि ‘‘हमें उनके ऊपर विश्वास नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग देश की जनता के लिए काम करता है और सांसद जनता के प्रतिनिधि हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसद शांतिपूर्वक निर्वाचन आयोग जाकर अपनी बात रखना चाहते हैं। उन्होंने सरकार पर प्रदर्शन रोकने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘सरकार इतनी कायर है कि वह जनता की आवाज से डरती है। इसलिए हर जगह प्रदर्शन रोक रही है।’’ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से आयोजित दोपहर भोज के बाद विपक्षी सांसद तीन बसों में सवार होकर निर्वाचन आयोग से जुड़े मामले को लेकर प्रदर्शन करने के वास्ते जंतर-मंतर के लिए रवाना हुए, हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बीच में हीं रोक दिया। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कुछ अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस द्वारा रोके जाने पर प्रियंका ने जमकर प्रतिरोध किया और सड़क पर लेट गईं। इस दौरान वह अपने हाथ में संविधान की प्रति पकड़े हुए थीं।
नई दिल्ली । कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने बुधवार को केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक तथा संवैधानिक सिद्धांतों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और कहा कि इस सरकार को हटाने के अलावा अब कोई और रास्ता नहीं बचा है। कांग्रेस की ओर से जारी एक वीडियो के अनुसार, उन्होंने देशवासियों से सरकार को हटाने की अपील करते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो ‘‘ये देश खाई में चला जायेगा।’’ इस वीडियो में प्रियंका गांधी कांग्रेस की सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत के सवालों का जवाब देते नजर आ रही हैं। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के सांसदों के प्रदर्शन में शामिल हुईं प्रियंका गांधी ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और लोकतंत्र का अर्थ जनता का राज है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के कुछ सिद्धांत हैं, जो संविधान में निहित हैं।

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