मुख्यमंत्री ने राम मंदिर के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा के मूल एजेंडे में राम मंदिर का मुद्दा नहीं था, लेकिन प्रभु श्रीराम करीब 400 वर्षों से टेंट में इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इसके बाद पार्टी न्यायालय की शरण में गई, कानूनी लड़ाई लड़ी और जीत हासिल की। इसके परिणामस्वरूप अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ। सीतामढ़ी में माता सीता के मंदिर का भी जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीतामढ़ी में माता सीता का भव्य मंदिर बनाने का निर्णय लिया।
पटना । बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राम मंदिर निर्माण और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आवास योजना का जिक्र करते हुए कहा कि जब मोदी करीब पांच करोड़ गरीबों को पक्के मकान उपलब्ध करा रहे थे, तब प्रभु श्रीराम भी इंतजार कर रहे थे कि ‘मोदी जी, हमको घर कब दोगे।’ मुख्यमंत्री ने राम मंदिर निर्माण को भाजपा के संकल्प और वैचारिक प्रतिबद्धता से जोड़ते हुए कहा कि पार्टी अपनी बात की पक्की है और जो वादा करती है, उसे पूरा करती है। चौधरी ने मंगलवार को पटना के ज्ञान भवन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ रंगोली कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि समझौते संभव हैं, लेकिन भाजपा की नीति नहीं बदलती।

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