शिकायतकर्ता की ओर से पेश हुए अधिवक्ता समक्ष शर्मा ने अदालत को बताया कि राठी आमतौर पर ऑस्ट्रिया में रहते हैं और दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए भारत आए हैं। उन्होंने कहा कि नया समन जारी करना जरूरी है, ताकि उसे तामील कराने के लिए तत्काल कदम उठाए जा सकें। न्यायाधीश ने कहा कि अदालत ने राठी को पहली बार जुलाई 2019 में समन जारी किया था। अदालत ने निर्देश दिया कि राठी को हरियाणा के गुरुग्राम स्थित उनके पते पर नया समन जारी किया जाये। यह मामला भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ के सदस्य विकास पांडे की ओर से 2018 में दायर मानहानि के मुकदमे से जुड़ा है। पांडे ने राठी द्वारा अपने खिलाफ यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो अपलोड किए जाने के बाद यह मुकदमा दायर किया था।
नई दिल्ली । दिल्ली की एक अदालत ने यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ 2018 के मानहानि मामले में नया समन जारी किया है। अदालत ने कहा कि राठी पिछले सात वर्षों से ऑस्ट्रिया में रह रहे हैं और राष्ट्रीय राजधानी में जारी विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए भारत आए हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल जैन भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ के सदस्य विकास पांडे की ओर से दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें राठी के खिलाफ नया समन जारी करने का अनुरोध किया गया था। अदालत ने 12 अक्टूबर के अपने आदेश में कहा, ‘‘उपलब्ध रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि शिकायतकर्ता पिछले कई वर्षों से आरोपी नंबर एक (राठी) को समन तामील कराने की कोशिश कर रहा है...।’’

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