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शनिवार, 17 अक्टूबर 2026

पटना : IPS बने राकेश कुमार, DGP ने पिपिंग सेरेमनी में लगाया IPS का Insignia

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पटना (संवाददाता) । बिहार पुलिस की राज्य सेवा से भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में पदोन्नत 14 अधिकारियों की पिपिंग सेरेमनी आयोजित की गई। इस अवसर पर राकेश कुमार को बिहार के डीजीपी के हाथों IPS का insignia पहनाकर सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि को उन्होंने अपने पेशेवर जीवन का गौरवपूर्ण और यादगार पड़ाव बताया। राकेश कुमार ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए अपने वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और आशीर्वाद के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि नई जिम्मेदारी के साथ वे ईमानदारी, समर्पण और उत्कृष्टता के साथ जनसेवा के अपने संकल्प को और मजबूत करेंगे। इस भावुक अवसर पर राकेश कुमार ने अपने दिवंगत पिता को भी याद किया। उन्होंने अपनी मां के आशीर्वाद और जीवनभर के संघर्षों को अपनी सफलता का आधार बताया। साथ ही, अपने भाई और पत्नी के निरंतर सहयोग के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। राकेश कुमार के लिए IPS में पदोन्नति न केवल एक बड़ी पेशेवर उपलब्धि है, बल्कि परिवार के त्याग, संघर्ष और सहयोग का भी प्रतीक है। नई जिम्मेदारी के साथ उन्होंने देश और समाज की सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।


श्री राकेश कुमार, भारतीय पुलिस सेवा (IPS)

श्री राकेश कुमार 47वीं बीपीएससी परीक्षा के टॉपर रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2009 में नालंदा में प्रोबेशनरी डीएसपी के रूप में अपनी पुलिस सेवा प्रारंभ की। वर्ष 2011 में सिटी डीएसपी, गया के पद पर रहते हुए उन्होंने अपहरण एवं फिरौती के दो सनसनीखेज मामलों, जिनमें सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के सात वर्षीय बालक गोलू का अपहरण भी शामिल था, का सफल उद्भेदन किया। वर्ष 2013 में एसडीपीओ, कटिहार सदर के पद पर रहते हुए उन्होंने संपत्ति संबंधी अनेक अपराधों का उद्भेदन किया। वर्ष 2015 में उनकी पदस्थापना सीतामढ़ी में हुई तथा वर्ष 2018 में वे एसडीपीओ, शिवहर के पद पर पदस्थापित रहे। शिवहर में 11 वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म एवं हत्या के जघन्य मामले का सफल अनुसंधान एवं उद्भेदन करने के लिए उन्हें वर्ष 2023 में केंद्रीय गृह मंत्री का उत्कृष्ट अनुसंधान पदक (Union Home Minister’s Medal for Excellence in Investigation) प्रदान किया गया।


वर्ष 2021 में उन्होंने एसडीपीओ, खड़गपुर (मुंगेर), वर्ष 2024 में एसडीपीओ, लखीसराय के रूप में कार्य किया। इसके बाद उन्होंने विशेष कार्य बल (STF) तथा एसडीपीओ, बाढ़ (पटना) के पद पर अपनी सेवाएँ दीं। वर्तमान में वे कमांडेंट, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस बल-4/18, डुमराँव, बक्सर के पद पर कार्यरत हैं। अपने सेवाकाल में उन्होंने अपहरण, फिरौती, हत्या, दुष्कर्म एवं संपत्ति संबंधी गंभीर अपराधों के अनुसंधान एवं उद्भेदन में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उत्कृष्ट अनुसंधान के लिए प्राप्त केंद्रीय गृह मंत्री का पदक उनकी व्यावसायिक दक्षता, कर्तव्यनिष्ठा एवं अपराध अनुसंधान के प्रति समर्पण का प्रमाण है।

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