- शिक्षकों को पांच लाख की स्वास्थ्य सुविधा, कर्मचारियों की पेंशन के लिए 10 हजार करोड़ की व्यवस्था का किया जिक्र
- माफिया-कर्फ्यू से बाहर निकला यूपी, अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने का संकल्प, बोले- यूपी में 120 से बढ़कर 24 हजार हुए स्टार्टअप
- सपा पर भरोसा करना मगरमच्छ से नदी पार कराने जैसा, पीडीए का नारा देने वालों ने चाचा और मुंबई के धन्नासेठ को दी राज्यसभा सीट
राज्यसभा चुनाव में कहां गया सपा का पीडीए
मुख्यमंत्री ने हाल में संपन्न राज्यसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए सपा की पीडीए राजनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीडीए की बात करने वाली सपा ने एक सीट अपने चाचा रामगोपाल यादव और दूसरी मुंबई के धन्नासेठ को दे दी। उन्होंने सवाल किया कि क्या सपा को काशी, गाजीपुर या बलिया का कोई योग्य यादव, दलित अथवा मुस्लिम प्रत्याशी नहीं मिला? योगी ने सपा पर परिवारवाद को बढ़ावा देने और अपने राजनीतिक नारों के विपरीत काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा की राजनीति में परिवार के हित सर्वोपरि हैं, जबकि भाजपा ने विभिन्न समाजों को प्रतिनिधित्व देने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने सपा की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि समाज को जोड़ने के बजाय उसे बांटने की राजनीति से सतर्क रहने की जरूरत है।
सपा पर भरोसा करना मगरमच्छ से नदी पार कराने जैसा
योगी ने सपा पर वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए कहा कि उस पर भरोसा करना मगरमच्छ से नदी पार कराने की उम्मीद करने जैसा है। उन्होंने कहा कि नदी के बीच में पहुंचने के बाद मगरमच्छ क्या करेगा, यह सभी जानते हैं। सपा नेताओं पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उनके रंग बदलने की प्रवृत्ति देखकर गिरगिट भी खुश होता होगा कि मनुष्य में उसकी जाति का कोई पैदा हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता को ऐसी राजनीति से सावधान रहना चाहिए, जिसमें परिवार का हित ही सबसे महत्वपूर्ण हो और प्रदेश के बाकी लोगों की समस्याओं की चिंता न की जाए। उन्होंने शिक्षकों और स्नातकों से ऐसे प्रतिनिधियों को चुनने की अपील की, जो उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सदन में आवाज उठा सकें।
सैफई सिंडिकेट ने युवाओं के भविष्य से किया खिलवाड़
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान भर्ती आयोगों और बोर्डों पर परिवार के लोगों का प्रभाव था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के करीब 1.60 लाख पद खाली थे। भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के कारण योग्य युवाओं को परेशानी उठानी पड़ती थी। उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्ती प्रक्रिया का जिक्र करते हुए भी पिछली सरकार पर सवाल उठाए। योगी ने कहा कि भाजपा सरकार ने सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित की है। उनके मुताबिक, प्रदेश में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। अगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को नियुक्ति पत्र देने का संकल्प है। उन्होंने बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती के तहत 32 हजार युवाओं का परिणाम घोषित होने का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी हो, ताकि युवाओं को अपनी योग्यता के आधार पर अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण निवेश का माहौल बना है और इससे रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
120 से बढ़कर 24 हजार हुए स्टार्टअप
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब युवा केवल नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले भी बन रहे हैं। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में करीब 120 स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई है। उन्होंने इसे युवाओं की उद्यमशीलता और प्रदेश में बदलते कारोबारी माहौल का उदाहरण बताया। योगी के अनुसार, निजी क्षेत्र में 65 लाख युवाओं को रोजगार मिला है और तीन करोड़ से अधिक लोग रोजगार तथा स्वरोजगार से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं को तकनीक से जोड़ने के लिए टैबलेट और स्मार्टफोन वितरण की योजना भी चलाई है। उनके मुताबिक, प्रदेश में 62 लाख युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन दिए जा चुके हैं, जबकि दो करोड़ युवाओं तक यह सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार देने के साथ उनके कौशल विकास, उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देना भी जरूरी है। स्टार्टअप के विस्तार से युवाओं को अपने विचारों को कारोबार में बदलने का अवसर मिल रहा है।
दंगा-कर्फ्यू नहीं, काशी विश्वनाथ धाम से होती है यूपी की पहचान
योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में त्योहारों के समय दंगों और कर्फ्यू की आशंका बनी रहती थी। खराब कानून-व्यवस्था के कारण निवेशक प्रदेश में आने से कतराते थे। अब प्रदेश की पहचान बदल रही है। उत्तर प्रदेश को माफिया और कर्फ्यू के बजाय बेहतर कानून-व्यवस्था, धार्मिक पर्यटन और विकास के लिए जाना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में राम जन्मभूमि, प्रयागराज के महाकुंभ और मथुरा-वृंदावन की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत उत्तर प्रदेश की पहचान को नई प्रतिष्ठा दे रही है। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का काम हुआ है। उन्होंने कहा कि पर्यटन के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के अवसर भी बढ़े हैं। प्रदेश में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था निवेश और आर्थिक गतिविधियों को गति देने में सहायक बनी है।
शिक्षकों को पांच लाख की स्वास्थ्य सुविधा, बीमा कवर भी
शिक्षकों के हितों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बेसिक शिक्षा से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक के शिक्षकों के लिए स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। उन्होंने पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य सुविधा का उल्लेख करते हुए कहा कि स्ववित्तपोषित संस्थानों के शिक्षकों को भी इसके दायरे में शामिल किया गया है। योगी ने वित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों के लिए 40 लाख रुपये से डेढ़ करोड़ रुपये तक के बीमा कवर की व्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों की सामाजिक सुरक्षा और सम्मान को महत्व देती है। शिक्षकों को केवल पढ़ाने की जिम्मेदारी निभाने वाला कर्मचारी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाला महत्वपूर्ण वर्ग माना जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने उच्चतम न्यायालय के टीईटी संबंधी निर्णय के बाद पुराने शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी व्यवस्था से जुड़े मुद्दे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से समझने और उनके समाधान के लिए सरकार प्रयासरत है। विधान परिषद में ऐसा प्रतिनिधि होना चाहिए, जो शिक्षकों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाए और उनके समाधान के लिए निरंतर काम करे।
पेंशन खातों के लिए 10 हजार करोड़ की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने नई पेंशन योजना को लेकर पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2005 से 2017 के बीच शिक्षकों और कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था के प्रबंधन में गंभीर कमियां रहीं। उनके अनुसार, वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद करीब 14 लाख कर्मचारियों के पेंशन खाते खुलवाने और व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई। योगी ने कहा कि नई पेंशन योजना में सरकार के अंशदान को भी 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया गया। उन्होंने कर्मचारियों के हितों को सुरक्षित रखने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि पेंशन और सामाजिक सुरक्षा जैसे विषयों पर सरकार ने कदम उठाए हैं। उन्होंने शिक्षकों और कर्मचारियों से कहा कि अपने हितों से जुड़े मुद्दों पर प्रतिनिधि चुनते समय उसके काम और समस्याओं को उठाने की क्षमता को प्राथमिकता दें। इस मौके पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा, स्नातक एमएलसी प्रत्याशी केदारनाथ सिंह, मंत्री रवींद्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र 'दयालु', हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी, भाजपा काशी क्षेत्र अध्यक्ष अशोक चौरसिया, प्रदेश उपाध्यक्ष शंकर गिरि, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, जिला अध्यक्ष रामसकल पटेल, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. अवधेश सिंह, टी. राम, सुनील पटेल और एमएलसी धर्मेंद्र राय समेत अन्य नेता मौजूद रहे। स्वागत भाषण क्षेत्र अध्यक्ष अशोक चौरसिया ने दिया। धन्यवाद ज्ञापन महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने किया, जबकि संचालन अमित राय ने किया।

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