सीहोर : गरबा की भक्ति में भावुक हुईं अरुणा सुदेश राय, नन्ही बालिका को सीने से लगाकर दुलारा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026

सीहोर : गरबा की भक्ति में भावुक हुईं अरुणा सुदेश राय, नन्ही बालिका को सीने से लगाकर दुलारा

  • क्रिसेंट गरबा महोत्सव के प्रशिक्षण में दिखा मां की ममता और स्नेह का भावुक दृश्य, 20 दिनों से आवासीय खेल मैदान पर जारी है गरबा का अभ्यास

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सीहोर। गरबा केवल नृत्य नहीं, बल्कि मां जगदंबा की आराधना, आस्था और भावनाओं से जुड़ा उत्सव है। जब भक्ति के इसी रंग में ममता का भाव घुल जाए, तो दृश्य दिल को छू जाता है। सीहोर के आवासीय खेलकूद मैदान पर चल रहे क्रिसेंट गरबा महोत्सव एवं अरुणा सुदेश राय प्रतिभा निखार मंच के प्रशिक्षण के दौरान ऐसा ही भावुक पल देखने को मिला, जब अरुणा सुदेश राय एक नन्ही बालिका को स्नेह से अपने गले से लगाकर भावुक हो उठीं। पिछले 20 दिनों से लगातार जारी गरबा प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में बालिकाएं और महिलाएं उत्साह के साथ भाग ले रही हैं। यहां हर दिन मां दुर्गा की आराधना, पारंपरिक गरबा और डांडिया की तैयारियों के बीच आत्मविश्वास, अनुशासन और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। इसी प्रशिक्षण के दौरान एक नन्ही बालिका के प्रति अरुणा सुदेश राय का स्नेह उमड़ पड़ा। उन्होंने बच्ची को प्यार से अपने करीब लिया, उसके सिर पर हाथ रखा और उसे दुलार किया। तस्वीर में कैद यह पल स्नेह, अपनत्व और भावनात्मक जुड़ाव की खूबसूरत कहानी बयां कर रहा है।


गरबा के रंगों के बीच ममता की अनमोल तस्वीर

भव्य आयोजन, संगीत और डांडिया की खनक के बीच यह दृश्य बताता है कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन केवल मंच और प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं होते, बल्कि लोगों के बीच आत्मीयता और रिश्तों का जुड़ाव भी मजबूत करते हैं। अरुणा सुदेश राय का नन्ही बालिका के प्रति स्नेह आयोजन के मानवीय पक्ष को सामने लाता है। क्रिसेंट गरबा महोत्सव में प्रशिक्षण लेने पहुंच रहीं बालिकाओं और महिलाओं के लिए यह आयोजन अपनी प्रतिभा निखारने के साथ भारतीय संस्कृति, परंपरा और मां दुर्गा की आराधना से जुड़ने का माध्यम बना हुआ है। गरबा की लय और भक्ति के बीच सामने आया यह भावुक क्षण आयोजन की यादगार तस्वीरों में शामिल हो गया।

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