दिल्ली : मजिस्ट्रेट को ‘धमकी’ दिए जाने के मामले में पुलिस ने गैर-संज्ञेय रिपोर्ट दर्ज की - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 18 अक्टूबर 2026

दिल्ली : मजिस्ट्रेट को ‘धमकी’ दिए जाने के मामले में पुलिस ने गैर-संज्ञेय रिपोर्ट दर्ज की

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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की जमानत पर सुनवाई के दौरान एक मजिस्ट्रेट को कथित तौर पर धमकी देने के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ रविवार को गैर-संज्ञेय रिपोर्ट (एनसीआर) दर्ज की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह घटनाक्रम तब सामने आया है, जब कॉजपा ने आरोप लगाया है कि उसके दोनों नेताओं की रिहाई में “देरी” की जा रही है और जमानत से संबंधित चार जमानतदारों की गारंटी “अस्पष्ट कारणों” के आधार पर खारिज कर दी गई है। आमतौर पर गैर-संज्ञेय अपराधों के मामलों में एनसीआर दर्ज की जाती है। ऐसे अपराधों में कानून के तहत पुलिस आरोपी को बिना वारंट गिरफ्तार नहीं कर सकती और न ही मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना जांच कर सकती है। कथित धमकियों और इसमें शामिल लोगों के बारे में तत्काल विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी। 


जमानत पर सुनवाई में कथित देरी का जिक्र करते हुए कॉजपा के विधि प्रकोष्ठ की प्रमुख रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वह पूर्वाह्न 11 बजे से थाने में मौजूद थीं, जबकि सुनवाई दोपहर 12 बजे निर्धारित थी लेकिन शाम चार बजकर 42 मिनट तक सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी/एसईएम) मंदिर मार्ग थाने नहीं पहुंचे थे। दास और रांका को 14 अक्टूबर को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। दोनों ने जंतर-मंतर के बंद फाटकों को फांदकर प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश किया था। इस स्थल को प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों की अधिसूचित सूची से हटा दिया गया है। पत्रकारों से बात करते हुए सिंह ने दावा किया कि बाद में मजिस्ट्रेट ने उन्हें बताया था कि कोई उन्हें धमकी दे रहा है। उन्होंने कहा, “सरकारी वकील चार दिन तक नहीं आए। पांचवें दिन आए भी, तो मामले पर बात नहीं करना चाहते थे। वह किसी को रिहा नहीं करना चाहते थे।” सिंह ने कहा, “विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) ने बताया कि किसी ने उन्हें धमकी भरा संदेश भेजा है... हमारे वकीलों ने कहा कि अगर किसी ने आपको धमकी दी है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई कीजिए। आदेश में उसका नंबर दर्ज कीजिए और हमें उसका नाम बताइए।’’ कॉजपा नेताओं की जमानत पर सुनवाई का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा, “हमारे वकीलों ने उनकी दलीलों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि आपको धमकी भरा संदेश भेजने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। आप इस मामले की सुनवाई क्यों नहीं कर रहे हैं?’’ इन आरोपों पर पुलिस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

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